नये बदलाव के तहत, अब दस बिस्तरों तक के लिये 3 हजार रुपये, 10 से 20 बिस्तरों तक 5250 रुपये, 20 से 30 बिस्तरों तक 6750 रुपये तथा 30 बिस्तरों से अधिक प्रत्येक अतिरिक्त बिस्तर के लिये 225 रुपये लिये जायेंगे। इसी प्रकार क्लीनिकल एस्टेबिलिशमेंट जिसमें शामिल हैं मेडिकल लैबोरेट्री, फिजियोथैरेपी एस्टेबिलिशमेंट व आउटडोर क्लीनिक- के लिये पंजीयन शुल्क 3 हजार रुपये होगा।

नये प्रावधानों के तहत, अब आयुष नर्सिंग होम्स जिसमें शामिल हैं : आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिध्द व होम्येपैथी, का भी रजिस्ट्रेशन कराना होगा। संक्रामक रोगों की सूची में कोविड-19 को भी शामिल किया गया है। निजी नर्सिंग होम्स के नियमों में की गई कार्यवाही के विरुध्द अब अपील राज्य शासन के बजाये संचालक स्वास्थ्य सुनेंगे। नर्सिंग होम में प्रत्ये सौ बिस्तरों अथवा उसके भाग के लिये मेडिकल गैस पाईपलाईन सहित 25 प्रतिशत बिस्तर ऑक्सीजन सहित बिस्तर के रुप में रखना अनिवार्य होगा। निजी नर्सिंग होम के काउदण्टर में मरीजों से ली जाने वाली फीस प्रदर्शित करना होगी तथा मरीजों के लिये एक शिकायत पुस्तिका भी रखना होगी। इनमें किसी सरकारी सेवक को बिना अनुमति के नहीं रखा जा सकेगा।