भोपाल: प्रदेश के लोक निर्माण विभाग ने नर्मदा एक्सप्रेस-वे के नये अलाईंटमेंट की मंजूरी के लिये इसका प्रस्ताव केबिनेट में भेजा है। यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वाकांक्षी परियोजना है क्योंकि इसमें उनका बुधनी विधानसभा क्षेत्र भी शामिल है। मध्यभारत क्षेत्र में ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिये महत्वपूण अटल एक्सप्रेस-वे पर तेजी से काम किया गया है तथा इसका काफी भाग एक्सप्रेस-वे बनाने के लिये क्लीयर करा लिया गया है। अटल एक्सप्रेस-वे के लिए मप्र सरकार ने केंद्र सो वायदा किया है कि वह 90 प्रतिशत भूमि एनएचएआई को दिसम्बर 2021 तक हस्तांतरित कर देगी।
उल्लेखनीय है कि नर्मदा एक्सप्रेस-वे के करीब 906 किलोमीटर के अलाइनमेंट प्रस्ताव को नये सिरे से तैयार किया गया है तथा मप्र की पूर्वी सीमा में छत्तीसगढ़ तथा पश्चिमी सीमा में गुजरात तक प्रस्तावित अलाइनमेंट मप्र के 10 से अधिक जिलों से होकर गुजरेगा। केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नर्मदा एक्सप्रेस-वे को केंद्र सरकार की भारत माला योजना में शामिल करने की स्वीकृति प्रदान की है, हालांकि अभी तक इसे विधिवत रुप से भारत माला योजना में शामिल नहीं किया गया है। नर्मदा एक्सप्रेस-वे के निर्माण में करीब 31 हजार करोड़ रुपये के करीब की लागत अनुमानित की गई है। यह एक्सप्रेस-वे नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक से अलीराजपुर तक बनना है तथा यह सिक्स लेन मार्ग अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला, जबलपुर, नरसिंहपुर, होशंगाबाद, हरदा, खंडवा, खरगौन, बड़वानी आदि जिलों से गुजरेगा।
दो माह पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जब मप्र के प्रवास पर आये थे तब मुख्यमंत्री चौहान ने नर्मदा एक्सप्रेस के संबंध में उनसे इसके अलाईंटमेंट के बारे में चर्चा की थी। अलाईंटमेंट का काम एमपीआरडीसी ने किया है तथा केबिनेट से इसकी स्वीकृति मिलने पर इसकी डीपीआर तैयार करवाई जायेगी। मार्ग में पडऩे वाली वन भूमि के लिये एनओसी प्राप्त करने की कार्यवाही डीपीआर बनने के बाद ही होगी। इस मार्ग की प्री फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी तैयार कर ली गई है। विभागीय अधिकारी ने बताया कि नर्मदा एक्सप्रेस-वे के अलाईंटमेंट का प्रस्ताव केबिनेट के पास स्वीकृति के भेजा गया है तथा मंजूरी मिलने के बाद एमपीआरडीसी इसके निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ करेगा।