आखिरकार बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरभ गांगुली की मेहनत और भारतीय क्रिकेट की बेहतरी के लिए उनकी सोच रंग लायी। दरअसल पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने मंगलवार को टीम इंडिया के हेड कोच पद के लिए औपचारिक तौर पर आवेदन कर दिया है। सच तो यह है बीसीसीआई ने राहुल द्रविड़ को पहले ही यह जिम्मेदारी संभालने के लिये राजी कर लिया।
इसी वजह से उनका अब टीम इंडिया का हेड कोच बनना भी तय नजर आ रहा है। राहुल द्रविड़ टी20 वर्ल्ड कप के ठीक बाद न्यूजीलैंड दौरे पर टीम इंडिया की कमान संभालेंगे। अब सवाल यही उठता है कि तमाम तरह के अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के विकल्प होने के बावजूद बीसीसीआई अध्यक्ष सौरभ गांगुली ने इस दिग्गज को ही भारतीय क्रिकेट को संवारने के लिए तैयार क्यों किया। इसकी खास वजह यह है कि आज जहां भारतीय क्रिकेट है, उसे यहां तक लाने में राहुल द्रविड़ का खासा योगदान रहा है।
राहुल द्रविड़ 2015 से भारतीय क्रिकेट के भविष्य को सुधारने में अपनी भूमिका बखूबी निभा रहे हैं। वह तभी से इंडिया-ए और अंडर-19 टीम के कोच भी रहे हैं। वहीं पिछले कई समय से वह बतौर एनसीए प्रमुख अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दरअसल भारतीय क्रिकेट की बेहतरी में राष्ट्रीय कोच और एनसीए प्रमुख मिलकर काम करते हैं। मतलब यह बात उनसे बेहतर कोई नहीं जानता कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य किन खिलाड़ियों की दम पर ज्यादा ताकतवर होगा।
वैसे भी अगर हम हालिया टीम इंडिया पर गौर करें तो इसमें कई खिलाड़ी उम्रदराज के हो चुके हैं, और एक दो साल में उनकी जगह युवाओं को मौका दिया जाना तय है। युवाओं के सटीक चयन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी काबिलियत को निखारने और उपयोग करने की भूमिका राहुल द्रविड़ से बेहतर ओर कोई नहीं निभा सकता।
इस बात को भी नजरअंदाज नहीं जा सकता कि द्रविड़ ने ही कई ऐसे खिलाड़ियों को निखारा है जो इस वक्त या तो टीम इंडिया का हिस्सा हैं या फिर टीम इंडिया का भविष्य हैं। मयंक अग्रवाल, शुभमन गिल, ऋषभ पंत, हनुमा बिहारी, वाशिंगटन सुंदर, पृथ्वी शॉ जैसे खिलाड़ी राहुल द्रविड़ की मेहनत का ही नतीजा है।
वहीं ईशान किशन, ऋतुराज गायकवाड़, यशस्वी, जयसवाल, राहुल त्रिपाठी समेत कई युवा भी उनके द्वारा ही तराशे गये हैं। वैसे राहुल द्रविड़ का मकसद हमेशा भारतीय क्रिकेट की भलाई के लिए अपना योगदान देना रही है। द्रविड़ की एक खूबी यह भी है कि वह विवादों से अपने आप को अलग रख कर क्रिकेट में अपना योगदान देते रहे हैं। वह भारतीय क्रिकेट की बेहतरी के लिए कुछ भी करने को हमेशा तैयार रहते हैं।