नया मोड़: कोविड ने सिंगल पुरुष को सेक्स से दूर किया ..
एक वयस्क व्यक्ति के लिए सेक्स उतना ही महत्वपूर्ण है जितना की भोजन| खास तौर पर पाश्चात्य देशों में सेक्स को जीवन की महत्वपूर्ण जरूरत माना गया है|
कोविड-19 के दौर में पुरुषों में एक अजीबोगरीब परिवर्तन देखने को मिला है|
एक रिसर्च कहती है कि कोविड-19 महामारी ने उनकी सेक्स लाइफ को बदल दिया है|
क्या कोविड ने एकल पुरुषों को सेक्स से दूर कर दिया है...
अस्सी प्रतिशत अमेरिकी मेल्स का कहना है कि महामारी से पहले की तुलना में अब उनके लिए सेक्स कम महत्वपूर्ण है। दरअसल लॉकडाउन के कारण पुरुषों का सेक्स हार्मोन लेवल कम हो गया| लॉकडाउन में टेस्टोस्टेरोन स्तर गिर गया।
न्यूयॉर्क पोस्ट लेख में एक पंक्ति थी: हम "स्लटी समर" से "फ्लेसीड फॉल" में चले गए हैं। दरअसल, यह डेटिंग सेवा, मैच द्वारा 5,000 एकल अमेरिकियों के बीच किया गया एक सर्वेक्षण है। और इस सर्वेक्षण में पाया गया है? कि अविवाहित पुरुष इन दिनों सेक्स को लेकर इतने परेशान नहीं हैं, जितने वह पहले हुआ करते थे|
81% सिंगल मेल ने कहा कि सेक्स अब उनके लिए कोविड से पहले की तुलना में कम महत्वपूर्ण है। सर्वे में और क्या सामने आया? शारीरिक आकर्षण अब सब कुछ नहीं रह गया है, और भावनात्मक परिपक्वता बहुत अधिक ज़रूरी है।
कोविड-19 से पहले सिंगल मेल्स में फिजिकल अट्रैक्शन काफी अधिक था| अट्रैक्टिव वुमंस को देखते ही मेल्स के अंदर की यौन भावनाएं उत्तेजित हो जाया करती थी|
इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था कि व्यक्ति का नेचर और मैच्योरिटी का लेवल कितना है बस वह अट्रैक्टिव है सिंगल मेल्स के लिए इतना ही काफी होता था|
आखिर ऐसा क्या हुआ कि एकल पुरुषों के अंदर सेक्स के भाव में इतना बड़ा परिवर्तन आ गया| क्योंकि उनके अंदर की यौन इच्छाओं में कमी दर्ज की गई?
आखिर हुआ क्या...
दरअसल यौन इच्छाओं के पीछे व्यक्ति का डोपामाइन और टेस्टोस्टरॉन लेवल जिम्मेदार होता है|
लॉकडाउन के चलते फिजिकल एक्टिविटी में परिवर्तन आया, लोगों की सोच में परिवर्तन आया, स्ट्रेस का लेवल बढ़ गया ऐसे में डोपामाइन और टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोन्स भी कम हो गए|
यह आश्चर्यजनक बात है कि आप पुरुष सेक्स पर कम ध्यान दे रहे हैं और रिश्तों को ज्यादा महत्व दे रहे|
अमेरिकी पुरुषों में खास तौर पर एकल पुरुषों में रिश्तो को लेकर गंभीरता और परिपक्वता इनक्रीस हुई है|
"वे रिश्तों को महत्व देने के लिए समय ले रहे हैं।" कैजुअल सेक्स में कमी आई है, केवल 11% सिंगल्स अब कैज़ुअली डेट करना चाहते हैं।
2020-21 नत्सल-कोविड अध्ययन, जिसने यौन दृष्टिकोण और जीवन शैली के राष्ट्रीय सर्वेक्षण को बदल दिया, ने एक नई तस्वीर चित्रित की है।
मूल रूप से, ब्रिटेन के लोग अब सेक्स कम कर रहे हैं - महामारी ने सेक्स बदल दिया है यदि हमेशा के लिए नहीं, कम से कम अभी के लिए।
भारत में भी लॉकडाउन के बाद सेक्स के मायने बदल गए हैं| युवाओं में अब सेक्स के प्रति इतना क्रेज नहीं रहा जितना लॉकडाउन से पहले था| महामारी ने युवाओं के सोच के स्तर को बढ़ाया है|
भारत के युवा भी अब शारीरिक आकर्षण की वजह आंतरिक मूल्यांकन पर जोर दे रहे हैं|
भारत के युवाओं का सोच का दायरा बदल गया है| लॉकडाउन और महामारी ने उन्हें इस तरह से दूर रहकर सोचने का अवसर भी दिया है|
लंबे समय से कॉलेज और स्कूल से दूर रहने के कारण वह अपनी फैमिली से जुड़े हैं| उनके मन में अपनी फैमिली के लिए एक नई तरह का एहसास जागा है| निश्चित रूप से समय के साथ चीज बदल जाती है सेक्स के साथ भी ऐसा ही हुआ है|