भोपाल: मध्य प्रदेश में कोरोना(covid19) मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. लेकिन राजधानी भोपाल से भी कोरोना(covid19) से राहत की खबर आई है। दरअसल, भोपाल में 95 फीसदी कोरोना(covid19) संक्रमित मरीज घर पर ठीक हो रहे हैं, वहीं आठ से दस दिन में मरीज ठीक भी हो रहे हैं. लोगों को आइसोलेशन में ठीक होने से अस्पतालों में मरीजों की संख्या नहीं बढ़ रही है।
घर पर ही ठीक हो रहे हैं कोरोना(covid19) के मरीज
दरअसल, कोरोना(covid19) की तीसरी लहर का असर दिखना शुरू हो गया है। देश में कोविड मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. राजधानी भोपाल में भी पिछले एक हफ्ते से हर दिन कोरोना(covid19) मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है. लेकिन इस बार राहत की बात यह है कि पहली और दूसरी लहर में 90 फीसदी मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. लेकिन तीसरी लहर में 95 फीसदी कोरोना मरीज घर पर ही ठीक हो रहे हैं। जिससे अस्पतालों में बेड खाली हैं।
टीकाकरण का प्रभाव : विश्वास सारंग
मंत्री विश्वास सारंग ने राजधानी में होम आइसोलेशन में कोरोना(covid19) के मरीज ठीक होने पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि इस टीकाकरण के फलस्वरूप भोपाल में 95 प्रतिशत लोग अपने घरों में स्वस्थ हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य भर के अस्पतालों में केवल 4 से 5 प्रतिशत रोगियों को ही भर्ती किया जा रहा है। अधिकांश रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वैक्सीन से कोरोना(covid19) का असर कम होता है।
अस्पताल की व्यवस्था
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कोरोना(covid19) के बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पतालों में सभी इंतजाम किए गए हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि बेड खाली हैं. क्योंकि मरीज घर पर ठीक है। उन्होंने कहा कि भोपाल में इस समय 962 सक्रिय कोरोना(covid19) मरीज हैं, जिनमें से 935 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। मंत्री सारंग ने कहा, 'कोरोना(covid19) से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि सावधान रहने की जरूरत है।
टीका लगवाएं
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने सभी से टीकाकरण कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को कोरोना(covid19) की वैक्सीन नहीं मिली है, उन्हें टीका जरूर लगवाना चाहिए। इसके अलावा राज्य ने आज से कोरोना(covid19) वैक्सीन प्रिकॉशन डोज की तैयारी भी शुरू कर दी है, जिसमें बुजुर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी. इसलिए जिन लोगों ने वैक्सीन की पहली और दूसरी खुराक(डोज़) नहीं ली है, उन्हें जल्द से जल्द वैक्सीन की पहली और दूसरी खुराक(डोज़) मिलनी चाहिए।