उत्तर भारत के पहाड़ों में बीते दिनों भारी बर्फबारी हो चुकी है। जिससे उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। उत्तर हवा की दिशा से राजधानी समेत राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट शुरू हो गई है।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक एक नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में प्रवेश करेगा। इस सिस्टम से उत्तर भारत में एक बार फिर बर्फबारी शुरू हो जाएगी। 3-4 नवंबर को सिस्टम के आगे बढ़ने से दीपावली से मप्र में भीषण ठंड पड़ने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी पीके साहा ने कहा कि वर्तमान में कोई भी मौसम विज्ञान प्रणाली सक्रिय नहीं है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में ठंड शुरू हो गई है। हवा की दिशा भी उत्तर बनी हुई है।
नतीजतन, उत्तर भारत से लगातार ठंडी हवाओं के कारण राजधानी सहित पूरे मध्य प्रदेश में रात और दिन के तापमान में गिरावट आई है। राजधानी में गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार के अधिकतम तापमान (29.5 डिग्री सेल्सियस) से 1.2 डिग्री सेल्सियस कम था।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने कहा कि उत्तर भारत के पहाड़ों में पहले भी भारी बर्फबारी हुई है। जिससे उत्तर भारत में माहौल ठंडा हो गया है। वहां से ठंडी उत्तर हवा अब मैदानी इलाकों की ओर चल रही है। जिसके कारण रात के साथ-साथ दिन में भी झटके आते हैं।
पश्चिमी विक्षोभ 1 नवंबर को उत्तर भारत में फिर से प्रवेश करेगा। असर फिर से हवा की दिशा बदलने का होगा। जिससे रात के तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होगी। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव तीन दिनों तक रहेगा। हालांकि इस दौरान एक बार फिर पहाड़ों पर बर्फबारी होगी। 4 अक्टूबर से हवा एक बार फिर उत्तर दिशा में चलेगी। जिससे राजधानी समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिवाली से न्यूनतम तापमान में फिर से गिरावट शुरू हो जाएगी।