मध्य प्रदेश के रीवा लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. इस वीडियो में सांसद ने भ्रष्टाचार की नई परिभाषा दी है. सांसद ने कहा कि सरपंच के 15 लाख रुपये तक के भ्रष्टाचार में कुछ भी गलत नहीं है, क्योंकि चुनाव पर अधिक पैसा खर्च किया जाता है. वीडियो सामने आने के बाद सांसद के बयान की आलोचना हुई है. अपने विवादित बयानों के कारण हमेशा चर्चा में रहने वाले भाजपा सांसद मिश्रा सोमवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय मीडिया कार्यशाला में मुख्य अतिथि थे.

उन्होंने अपने भाषण में कहा- 'सरपंच के भ्रष्टाचार को लेकर बड़ी संख्या में लोग हमारे पास आते हैं. जब लोग हमसे कहते हैं कि सरपंच भ्रष्ट है तो मैं कहता हूं- पन्द्रह लाख का भ्रष्टाचार किया है तो मुझसे बात मत करना. अगर भ्रष्टाचार 15 लाख रुपये से ज्यादा है, तो मैं ध्यान दूंगा. 'सांसदों के मुताबिक, सरपंच चुनाव में 7 लाख रुपये खर्च करता है. इसके बाद उन्हें दूसरी बार सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ना है, जिसके लिए उन्हें 7 लाख रुपये खर्च करने होंगे. यह बढ़ती महंगाई के कारण 1 लाख रुपये ज्यादा जुटाता है. इसलिए किसी को भी 15 लाख रुपये तक के भ्रष्टाचार की सूचना नहीं देनी चाहिए.

सांसद के इस भाषण की तीखी आलोचना हो रही है. स्वच्छ और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार की बात करने वाले भाजपा नेता का ऐसा बयान चर्चा का विषय बन गया है. खासकर बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा अक्सर अपने बयानों को लेकर विवादों में घिरे रहते हैं. पिछले साल नवंबर में भी उनके इस बयान पर हंगामा हुआ था. बीजेपी ने कमलनाथ सरकार के खिलाफ किसान आंदोलन शुरू किया था. सांसद जनार्दन मिश्रा कार्यकर्ताओं को भड़काते नजर आए थे. उन्होंने कहा था कि बीजेपी किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है. उन्होंने यह भी कहा था कि अगर कांग्रेस या पुलिस का कोई व्यक्ति किसानों कों उठाने आया तो उसके हाथ तोड़ दिए जाएंगे.