भोपाल। राज्य के कृषि विभाग के अंतर्गत संचालित राज्य मंडी बोर्ड ने अपना फैसला बदल दिया है। वचह अब कोविड-19 से मरे अपने कर्मियों को 25 लाख रुपये नहीं देगा बल्कि मुख्यमंत्री कोविड-19 विशेष अनुग्रह योजना के तहत मात्र 5 लाख रुपये का ही भुगतान करेगा। इस संबंध में मंडी बोर्ड ने नया आदेश जारी कर दिया है।
मंडी आयुक्त विकास नरवाल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य कृषि विपणन बोर्ड के संचालक मण्डल की 137वीं बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा पूर्व में जारी आदेश क्रमांक 5545-46 दिनांक 28 अप्रैल 2021 को निरस्त करते हुए मप्र शासन द्वारा 21 मई 2021 को जारी मुख्यमंत्री कोविड-19 विशेष अनुग्रह योजना को अंगीकार कर राज्य मण्डी बोर्ड सेवा विनियम 1998 में लागू किया जाये, इसलिये इसे लागू किया जाता है। दरअसल, 28 अप्रैल 2021 के आदेश को राज्य शासन ने उचित नहीं माना था और इसका क्रियान्वयन प्रतिबंधित कर दिया था।
यह था पुराना आदेश :
28 अप्रैल 2021 को तत्कालीन मंडी आयुक्त प्रियंका दास ने आदेश जारी कर कहा था कि मंडी बोर्ड के संचालक मंडल के अनुमोदन की प्रत्याशा में मंडी बोर्ड मुख्यालय, मंडी बोर्ड के आंचलिक कार्यालयों तथा तकनीकी कार्यालयों एवं मंडी समितियों में कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी जिनमें संविदा कर्मी भी शामिल हैं, कोविड-19 से ग्रसित होने के कारण मृत्यु होने पर उनके आश्रित परिवार को क्षतिपूर्ति के फलस्वरुप एकमुश्त 25 लाख रुपये की राशि दिये जाने की स्वीकृति प्रदान करती है। आदेश में कहा गया था कि यह क्षतिपूर्ति केवन कोविड-19 महामारी के संक्रमण से मृत्यु में दी जायेगी जोकि 1 अप्रैल 2021 से 31 जुलाई 2021 तक प्रभावशील रहेगी तथा क्षतिपूर्ति की राशि मुख्यालय स्तर से स्वीकृत की जायेगी।
वित्त विभाग की इस योजना को लागू किया है :
राज्य के वित्त विभाग ने 21 मई 2021 को सभी विभागों और निगम-मंडलों, बोर्ड, आयोगों आदि के लिये मुख्यमंत्री कोविड-19 विशेष अनुग्रह योजना जारी की है जिसमें कोविड से मरे कर्मियों को अधिकतम 5 लाख रुपये की विशेष अनुग्रह राशि दिये जाने का प्रावधान किया गया है। इस योजना को 1 मार्च 2021 से लेकर 30 जून 2021 तक ही लागू किया गया है।