भोपाल।प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के सभी अफसर अब कोविड का बहाना नहीं बना सकेंगे तथा उन्हें फील्ड में जाकर दौरे करने होंगे। इस संबंध में लोनिवि के ईएनसी अखिलेश अग्रवाल ने सभी अफसरों को हिदायत जारी कर दी है। ईएनसी नें हिदायत में कहा है कि वर्तमान में कार्यों के निरीक्षण के संबंध में अधिकारियों द्वारा निर्धारित आवश्यक दौरे नहीं किये जा रहे हैं।
इसका मुख्य कारण कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियां रही हैं। वर्तमान परिस्थितियों में कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्ध संपादन को सुनिश्चित करने के लिये अधिकारियों द्वारा समय-समय पर कार्यों का निरीक्षण किया जाना अत्यंत आवश्यक है। इसलिये अब मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण यंत्री स्तर के अधिकारी प्रतिमाह अपने कार्यक्षेत्र में कम से कम 8 दिवस कार्यों के निरीक्षण हेतु दौरे करेंगे। कार्यपालन यंत्री स्तर के अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में प्रतिमाह कम से कम 12 दिवस दौरे करेंगे। कार्यपालन यंत्री प्रत्येक बुधवार एवं शुक्रवार को आपात स्थिति को छोडक़र मुख्यालय पर नहीं रहेंगे एवं आवश्यक रूप से दौरे करेंगे।
ईएनसी ने यह भी कहा है कि रूपये 1 करोड़ से रूपये 5 करोड़ तक लागत के कार्यों की समीक्षा अधीक्षण यंत्री द्वारा तथा रूपये 5 करोड़ से अधिक लागत के कार्यों की समीक्षा प्रतिमाह मुख्य अभियंता द्वारा की जायेगी। मुख्य अभियंता समीक्षा प्रतिवेदन प्रमुख अभियंता को प्रस्तुत करेंगे।
ईएनसी ने कहा है कि वर्षा ऋतु समाप्त हो चुकी है। इसलिये प्रत्येक जिले में ऐसी सडक़ें जो परफारमेंस गारंटी में न होकर संधारण के अंतर्गत हैं, की मरम्मत का कार्य तत्काल प्रभाव से प्रारंभ किया जाये।
प्रत्येक दिवस सडक़वार पैच रिपेयर की जानकारी प्रस्तुत की जाये। परफारमेंस गारंटी के अंतर्गत समस्त मार्गों का निरीक्षण आगामी 15 दिवस में अधीक्षण यंत्री स्वयं कर मुख्य अभियंता को रिपोर्ट प्रेषित करेंगे एवं मुख्य अभियंता अपने परिक्षेत्र के समस्त सडक़ों के संबंध में एकजाई जानकारी तत्पश्चात 7 दिवस के अंदर इस कार्यालय को प्रेषित करेंगे। अधीक्षण यंत्री यह भी सुनिश्चित करेंगे कि परफारमेंस गारंटी के अंतर्गत किसी भी प्रकार की क्षति दृष्टिगोचर होने की दशा में अनुबंध के प्रावधानों के तहत सुधार कार्य आवश्यक रूप से एक माह के अंदर करा लिया जाये।