भोपाल। प्रदेश के पुलिस थानों में अब वित्तीय एवं कोआपरेटिव फ्राड में सिर्फ एक नही बल्कि अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जायेंगी। इसके लिये पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को नये दिशा-निर्देश जारी किये हैं।

दरअसल प्रदेश में उक्त प्रकार के अपराधों में कई व्यक्ति पीडि़त होते हैं परन्तु पुलिस द्वारा सिर्फ एक ही व्यक्ति की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली जाती है और अन्य पीडि़त व्यक्तियों को गवाह बना दिया जाता है।

ऐसे में कई बार शिकायतकत्र्ता, आरोपी व्यक्ति या कंपनी से समझाौता कर लेता है और केस में आगे नहीं बढ़ता है व उसे वापस ले लेता है। इस पर अन्य पीडि़तों को इसलिये न्याय नहीं मिल पाता है क्योंकि उनकी कोई एफआईआर दर्ज नहीं है तथा वे सिर्फ गवाह हैं।

पुलिस मुख्यालय की कोआपरेटिव फ्राड शाखा के एआईजी प्रशांत शर्मा ने जारी दिशा-निर्देशों में कहा है कि वित्तीय अनियमितताओं संबंधी कई मामलों में एक से अधिक पीडि़त होते हैं परन्तु एक ही आशय होने की वजह से मामलों में गुणदोष के आधार पर पृथक-पृथक एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही है, उन्हें एक ही प्रकरण में क्लब कर दिया जाता है जोकि अनुचित है। इसलिये अब जिलों में ऐसे सभी प्रकरणों का पुनर्निरीक्षण कर ऐसे प्रकरणों में प्रत्येक पीडि़त की ओर से मामलों में गुणदोष के आधार पर पृथक-पृथक प्रकरण पंजीबध्द कर विवेचना की जाये।