भोपाल। बहुचर्चित ई-टेण्डर घोटाले के बाद राज्य सरकार द्वारा बनाये नये पोर्टल एमपी टेण्डर्स में भी अब गड़बडिय़ा सामने आने लगी हैं। कई नगरीय निकायों द्वारा निजी व्यक्तियों को आईडी देकर ये टेण्डर खुलवाने पर नगरीय प्रशासन आयुक्त निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने आपत्ति व्यक्त की है तथा सिर्फ सरकारी अधिकारी को ही टेण्डर खोलने के निर्देश दिये हैं।

अपने सभी अधीनस्थ अधिकारियों, स्मार्ट सिटी कंपनी, मेट्रे कंपनी, अर्बन डेवलपमेंट कंपनी एवं नगरीय निकायों को भेजे निर्देशों में आयुक्त ने कहा है कि यह तथ्य प्रकाश में आया है कि कुछ निकायों द्वारा टेण्डर लगाये जाने की कार्यवाही निजी व्यक्तियों द्वारा कराई जा रही है। ऐसा किया जाना गैर कानूनी होने के साथ ही निजी व्यक्ति के हाथ में संबंधित प्राधिकृत अधिकारी के डिजिटल सिग्नेचर जाने से, सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है एवं दुरुपयोग की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। इसलिये निजी व्यक्तियों का उपयोग शासकीय कार्य में न किया जाये। पोर्टल का उपयोग स्वयं किया जाना चाहिये, अगर कम्प्यूटर आपरेटर की सहायता भी लेना हो तो कार्यवाही अपने समक्ष संपादित करायें जिससे गोपनीयता बनी रहे।

आयुक्त ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी अधिकारियों को अपने डिजिटल सिग्नेचर स्वयं की अभिरक्षा में सुरक्षित रखना होगा। डिजिटल सिग्नेचर  खो जाने की स्थिति में तत्काल संबंधित पुलिस थाने में इसकी एफआईआर दर्ज कराई जाये। टेंडर लगाते समय, टेंडर खोलने की अथारिटी के चार आप्शन चुने जायें। आप्शन चुनने के बाद स्थानांतरण होने, डिजिटल सिग्नेचर के करप्ट होने के कुछ प्रकरणों में टेण्डर खोलने में समस्या हुई है। ऐसे टेण्डर को किसी भी तरह से अन्य आईडी से खोला जाना संभव नहीं होता है। नगरीय प्रशासन संचालनालय पर भी पोर्टल में यह अधिकार प्रदत्त नहीं होने से टेंडर निरस्त करने का विकल्प ही शेष रह जाता है। इसलिये चार आईडी नहीं बनी हों तो तत्काल बनवाई जायें।