नई दिल्ली: भारत में कोरोना मरीजों की संख्या घटती दिख रही है, लेकिन कोरोना के नए ओमिक्रोन वेरिएंट ने सभी को चिंतित कर दिया है. लेकिन अब बड़ी खबर सामने आई है. शुक्रवार सुबह तक देश में ओमिक्रोन के 358 मामले सामने आ चुके थे, लेकिन इनमें से 114 लोगों ने ओमिक्रोन कों मात दे दी है.
Omicron spreading fast, 358 cases of new COVID-19 variant in India so far: Health Secretary
— ANI Digital (@ani_digital) December 24, 2021
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सकारात्मकता दर में कमी :
स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने आज प्रेस वार्ता की. इसमें उन्होंने ओमिक्रोन के बारे में अहम जानकारियां दीं. उनके मुताबिक ओमिक्रोन का पॉजिटिविटी रेट भी वर्ल्ड एवरेज से कम है. अन्य देशों में सकारात्मक दर 6% से अधिक है. भारत का पॉजिटिव दर 5.3% है. पिछले 2 हफ्तों में भारत का पॉजिटिव रेट सिर्फ 0.6% रहा है.
भारत की उपचार पद्धति है कारगर :
राजेश भूषण ने आगे कहा कि इस बात के सबूत हैं कि कोरोना की पहली लहर और डेल्टा वेरिएंट में इस्तेमाल किए गए उपचार के तरीके ओमिक्रोन पर भी प्रभावी हैं. इस बीच, उन्होंने केरल और मिजोरम में मामलों में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा, देश में ऐसे 20 जिले हैं जहां मामले की सकारात्मक दर 5 से 10% के बीच है. इनमें से 9 केरल में और 8 मिजोरम में हैं. देश में केवल 2 जिलों में केस पॉजिटिव रेट 10% से अधिक है और ये दोनों जिले मिजोरम में हैं.
दूसरे देशों में मरीजों की संख्या में इजाफा :
भूषण ने ओमिक्रोन के मौजूदा हालात पर भी अहम जानकारी दी. उन्होंने कहा, अब तक दुनिया भर के 108 देशों में ओमेक्रोन के 1,51,000 से अधिक मामले सामने आए हैं. दुनिया कोरोना की चौथी लहर देख रही है, इसलिए हमें सावधान रहना चाहिए.
क्रिसमस और 31 दिसंबर की वजह से बाजार में तेजी आई है. लोग बिना मास्क पहने, बिना सोशल डिस्टेंस बनाए खरीदारी करने में लगे हैं, लेकिन लापरवाही से बचना चाहिए. भारत में शुक्रवार सुबह तक 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 358 ओमाइक्रोन मरीज पाए गए, जिनमें से 114 मरीज ठीक हो गए.
89 प्रतिशत को वैक्सीन की पहली खुराक मिली :
स्वास्थ्य सचिव ने आगे कहा कि आज हमारे पास 18,10,083 आइसोलेशन बेड, 4,94,314 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड, 1,39,300 आईसीयू बेड, 24,057 पीडियाट्रिक आईसीयू बेड और 64,796 पीडियाट्रिक नॉन-आईसीयू बेड राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध हैं. वर्तमान में, देश भर में 89 प्रतिशत वयस्क आबादी को वैक्सीन की पहली खुराक मिल चुकी है और 61 प्रतिशत योग्य आबादी को कोविड -19 वैक्सीन की दूसरी खुराक मिल गई है.
राज्यों को रात में कर्फ्यू लगाने की सलाह :
राजेश भूषण ने कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 21 दिसंबर से राज्यों को रात में कर्फ्यू, बड़ी सभाओं पर प्रतिबंध लगाने की सलाह दी थी. बेड और अन्य लॉजिस्टिक्स की क्षमता बढ़ाई जाए और कोविड के लिए उचित प्रक्रियाओं को सख्ती से लागू किया जाए. डीजी-आईसीएमआर डॉ बलराम भार्गव ने कहा कि हाल ही में पहचाने गए समूहों के साथ, भारत में डेल्टा प्रकार अधिक प्रचलित हो रहे हैं. इसलिए हमें कोरोना के नियमन और टीकाकरण को बढ़ाने के लिए ऐसी ही रणनीति बनाने की जरूरत है.
बूस्टर शॉट के लिए केंद्र ने शुरू की तैयारी :
हाल के कॉर्पोरेट घोटालों के परिणाम स्वरूप इस विशेषता की मांग में काफी वृद्धि हुई है. केंद्र सरकार ने अब देश में 3,000 लोगों पर बूस्टर डोज टेस्ट कराने का फैसला किया है. इस परीक्षण के परिणाम बूस्टर खुराक की आवश्यकता को निर्धारित करेंगे. केंद्र सरकार ने बूस्टर खुराक की तात्कालिकता का पता लगाने के लिए एक अध्ययन शुरू किया है, जिसमें छह महीने पहले वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने वाले लोग शामिल होंगे. अध्ययन जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अनुवाद स्वास्थ्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा आयोजित किया जा रहा है. इनमें कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पुतनिक वी टीके शामिल होंगे. स्टडी के लिए दिल्ली-एनसीआर, गुरुग्राम और फरीदाबाद से सैंपल लिए जाएंगे.