जंगल में तेंदुए सहित अन्य वन्य प्राणियों की गणना का सर्वे शुरू..

धार:

धार जिले का जंगल प्रदेश के बड़े जंगलों में से एक है। इस कारण यहां वन्य प्राणी का आबादी भी काफी है। खासतौर पर जिले में तेंदुओं का मूवमेंट काफी है। जिले के हर क्षेत्र में तेंदुए देखे जाते है। खासतौर पर पर्यटन नगरी मांडू, अमझेरा में तेंदुए की सबसे ज्यादा मूवमेंट देखने को मिलती है। 

लेकिन गणना नहीं होने के कारण तेंदुओं की आधिकारिक संख्या वन विभाग के पास नहीं थी। इसका पता लगाने के लिए पहली बार ऑनलाइन वन्य प्राणी गणना हो रही है। जंगल में कौन से वन्य प्राणी है और इनकी संख्या कितनी है। 

यह पता लगाने के लिए धार जिले की 97 बिट पर 300 विभागीय अधिकारी-कर्मचारी व 50 से अधिक वॉलेंटियर फिजिकल गिनती जंगल में कर रहे है। इनकी गिनती कर विभागीय ऐप पर संख्या समेत 30 बिंदुओं पर जानकारी देना है। पहली बार वन्य प्राणी की संख्या, स्थान व दिशा विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज होगी। 

अब तक जंगलों में वन्य प्राणी की जनगणना कागज पर दर्ज होती आई है। यह पहला मौका है जब ऑनलाइन का फिजिकल प्रयोग किया जा रहा है। वन विभाग के डीएफओ अक्षय राठौर ने बताया कि पहली बार ऐप के जरिए वन्य प्राणी की संख्या ऑनलाइन दर्ज होगी। तीन वर्ष पूर्व 2018 में वन्य प्राणी की गणना जिले में हुई थी। 

लेकिन अब यह जनगणना फिजिकल होने के साथ ऐप के जरिए ऑनलाइन होगी। इस ऐप को विभाग के कर्मचारी हैंडल करेंगे। इसके जरिए कभी भी पता लगाया जा सकता है कि जंगल किस स्थान पर आखिरी समय में कौन वन्य प्राणी विचरण करने आया था, किस दिशा में गया है, यह तक इस ऐप पर अपलोड हो जाएगा। 

जंगल की बसाहट पहाड़ी, मिट्टी नुमा, चट्टान, मुरम, पथरीले स्थान, वन्य प्राणी के पग मार्क, बिट, निशान मिलने का स्थान, दिशा आदि अन्य जानकारी अपलोड की जाएगी। जबलपुर ओर देहरादून संस्थान पता लगाई की यह कौन सी प्रजाति के वन्य प्राणी हैं।