प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिमोट का बटन दबाकर प्रयागराज में 202 टेक होम राशन प्लांट का शिलान्यास कर महिलाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में बड़ी पहल की हैं। आज संगम नगरी प्रयागराज पधारे प्रधानमंत्री मोदी ने नारी के सशक्तिकरण व स्वावलंबन हेतु 1.6 लाख स्वयं सहायता समूह के खातों में ₹1000 करोड़ ट्रांसफर किए, साथ ही कन्या सुमंगला योजना के तहत 1.01 लाख लाभार्थियों को धन हस्तांतरण किया।
Addressing a programme in Prayagraj. #NariShaktiDeshKiShakti https://t.co/2njX6mz9zB
— Narendra Modi (@narendramodi) December 21, 2021
पावन भूमि को मैं हाथ जोड़कर प्रणाम करता हूं : मोदी
महिला सशक्तिकरण सम्मलेन से प्रधानमंत्री मोदी बोले, प्रयागराज हजारों सालों से हमारी मातृशक्ति की प्रतीक माँ गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम की धरती रही है। आज ये तीर्थ नगरी नारी-शक्ति के इतने अद्भुत संगम की भी साक्षी बन रही है। पिछले वर्ष फरवरी में हम कुंभ में प्रयागराज की पवित्र भूमि पर आए थे, तब संगम में डूबकी लगाकर अलौकिक आनंद का अनुभव प्राप्त किया। तीर्थ राज प्रयाग की ऐसी पावन भूमि को मैं हाथ जोड़कर प्रणाम करता हूं।
मुझे बेटियों के खातों में करोड़ो रुपये ट्रांसफर करने का सौभाग्य मिला: मोदी
यूपी में विकास के लिए, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जो काम हुआ है, वो पूरा देश देख रहा है। अभी मुझे यहां मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की 1 लाख से ज्यादा लाभार्थी बेटियों के खातों में करोड़ो रुपये ट्रांसफर करने का सौभाग्य मिला। यूपी सरकार ने बैंक सखियों के ऊपर 75 हजार करोड़ रुपये के लेनदेन की जिम्मेदारी सौंपी हैं। 75 हजार करोड़ रुपये का कारोबार गांवों में रहने वाली मेरी बहनें-बेटियां कर रही हैं।
'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ': मोदी
बेटियां कोख में ही न मारी जाएं, वो जन्म लें, इसके लिए हमने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के माध्यम से समाज की चेतना को जगाने का प्रयास किया। आज परिणाम ये है कि देश के अनेक राज्यों में बेटियों की संख्या में बहुत वृद्धि हुई है। प्रसव के बाद भी बिना चिंता के अपने बच्चे की शुरुआती देखरेख करते हुए मां अपना काम जारी रख सके। इसके लिए महिलाओं की छुट्टी को 6 महीनें किया गया है। पहले पैसों के अभाव में बहनों के जीवन पर संकट रहता था, अब 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलने से उनकी ये चिंता दूर हो गई है।
महिलाओं कों मिल रही प्राथमिकता : मोदी
आज हमारी सरकार की योजनाएं, इस असमानता को भी दूर कर रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जो घर दिये जा रहे हैं, वो प्राथमिकता के आधार पर महिलाओं के ही नाम से बन रहे हैं। हमने गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण, अस्पतालों में डिलिवरी और गर्भावस्था के दौरान पोषण पर विशेष ध्यान दिया। प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत गर्भावस्था के दौरान 5 हज़ार रुपए महिलाओं के बैंक खाते में जमा किए जाते हैं, ताकि वो उचित खान-पान का ध्यान रख सकें।
बेटियों कों आगे बढ़ने के लिए समय और बराबर अवसर मिलें: मोदी
बिना किसी भेदभाव व पक्षपात, डबल इंजन की सरकार, बेटियों के भविष्य को सशक्त करने के लिए निरंतर काम कर रही है। केंद्र सरकार ने एक और फैसला किया है। पहले बेटों के लिए शादी की उम्र 21 साल थी, लेकिन बेटियों के लिए ये उम्र 18 साल ही थी। बेटियां भी चाहती थीं कि उन्हें उनकी पढ़ाई-लिखाई के लिए, आगे बढ़ने के लिए समय मिले और बराबर अवसर मिलें। बेटियों के लिए शादी की उम्र को 21 साल करने का प्रयास किया जा रहा है। देश ये फैसला बेटियों के लिए कर रहा है, लेकिन किसको इससे तकलीफ हो रही है, देश ये सब देख रहा हैं।