प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आईआईटी कानपुर के 54वें दीक्षान्त समारोह में शामिल हुए. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि, आईआईटी कानपुर ने आपको ऐसा साहस दिया है कि अब आपको अपने सपने पूरे करने से कोई नहीं रोक सकता. जब आप आईआईटी कानपुर से निकलेंगे तो देश की बागडोर अपके हाथों में होगी. आपको तय करना होना कि आपका भारत 2047 में कैसा हो. पहले अगर सोच काम चलाने की होती थी तो आज सोच कुछ कर गुजरने की होती है. पहले अगर सोच समस्याओं को लाने की होती थी तो आज सोच समस्याओं का समाधान लाने की होती.

आजादी के बाद 25 सालों तक हमें देश को अपने पैरों पर खड़े करने के लिए प्रयास करने चाहिए थे. लेकिन तब से लेकर अब तक बहुत देर कर दी गई है. इसीलिए अब हमें एक पल भी नहीं गंवाना है, कुछ कर गुजरना है. मैं आप सबसे आग्रह करता हूं कि अगर जीवन में कभी कम्फर्ट या चैलेंज स्वीकार करना हो तो कभी कम्फर्ट नहीं चुनना, चैलेंज चुनना. कौन भारतीय नहीं चाहेगा कि भारत की कंपनियां Global बनें, भारत के Product Global बनें. जो IITs को जानता है, यहां के टैलेंट को जानता है, यहां के प्रोफेसर्स की मेहनत को जानता है, वो ये विश्वास करता है ये IIT के नौजवान जरूर करेंगे.  पहले अगर सोच काम चलाने की होती थी तो आज सोच कुछ कर गुजरने की होती है. पहले अगर सोच समस्याओं को लाने की होती थी तो आज सोच समस्याओं का समाधान लाने की होती है. 

PM मोदी ने मेट्रो रेल परियोजना के प्रथम सेक्शन का किया शुभांरभ : 

प्रधानमंत्री मोदी ने कानपुर में मेट्रो रेल परियोजना के प्रथम सेक्शन के शुभांरभ कार्यक्रम के अंतर्गत मेट्रो ट्रेन की यात्रा की.  प्रधानमंत्री ने कानपुर में मेट्रो रेल परियोजना के प्रथम सेक्शन का शुभांरभ किया और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर मेट्रो से सफर किया. अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि, डबल इंजन की सरकार से यूपी के विकास को नई रफ्तार मिल रही है. आज कानपुर के लोगों के लिए ही खुशी का दिन नहीं है, वरुण देवता को भी इस खुशी में हिस्सा लेने का मन कर गया. कानपुर के लोगों का जो मिजाज है, जो कनपुरिया अंदाज है, जो उनकी हाजिर जवाबी है, उसकी तुलना ही नहीं की जा सकती है.

आज मंगलवार है और पनकी वाले हनुमानजी के आशीर्वाद से आज UP के विकास में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ रहा है. आज कानपुर को मेट्रो की कनेक्टिविटी मिली है साथ ही बीना रिफाइनरी से भी कानपुर अब कनेक्ट हो गया है. यूपी में पहले जिन लोगों ने सरकार चलाई, उन्होंने समय की अहमियत कभी नहीं समझी. 21वीं सदी के जिस कालखंड में यूपी को जिस तेज गति से प्रगति करनी थी, उस अमूल्य समय को, अहम अवसर को पहले की सरकारों ने गंवा दिया.  

आज उत्तर प्रदेश में जो डबल इंजन की सरकार चल रही है, वो बीते कालखंड में समय का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई में जुटी है. हम डबल स्पीड से काम कर रहे हैं। जिस यूपी को कभी अवैध हथियारों वाली गैंग के लिए बदनाम किया गया था, वही उत्तर प्रदेश देश की सुरक्षा के लिए डिफेंस कॉरिडोर बना रहा है. इसीलिए यूपी के लोग कह रहे हैं- फर्क साफ है और दिख रहा हैं. दशकों तक हमारे देश में ये स्थिति रही कि एक हिस्सा का तो विकास हुआ, दूसरा पीछे ही छूट गया.

राज्यों के स्तर पर, समाज के स्तर पर इस असमानता को दूर करना उतना ही जरूरी है. इसलिए हमारी सरकार सबका साथ-सबका विकास के मंत्र पर काम कर रही है. जो लोग पहले सरकार चलाते थे, वो इस मानसिकता के साथ सरकार चलाते थे कि लॉटरी लगी है, जितना लूट सको लूट लो. यूपी में पहले की सरकारें जो परियोजनाएं शुरू करती थीं, उनमे कैसे हजारों करोड़ रुपये का घोटाला हो जाता था.