उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। कोविड -19 टीकाकरण प्रमाण पत्र पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोई तस्वीर नहीं होगी, क्योंकि वहां चुनावी आचार संहिता लागू की गई है। वैक्सीन सर्टिफिकेट से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाने के लिए CoWIN प्लेटफॉर्म पर जरूरी फिल्टर लगाया गया है।
चुनाव आयोग ने शनिवार को घोषणा की कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से 7 मार्च तक सात चरणों में होंगे और वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सरकारों, उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के लिए आचार संहिता लागू हो गई है। मार्च 2021 में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कुछ राजनीतिक दलों की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग के सुझाव पर असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में चुनाव के दौरान इसी तरह के कदम उठाए थे।
कोविन प्लेटफॉर्म पर फिल्टर लगाने का आदेश :
एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि आचार संहिता लागू होने के कारण स्वास्थ्य मंत्रालय इन पांच राज्यों में लोगों को जारी किए गए कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र से प्रधानमंत्री की छवि को हटाने के लिए कोविन प्लेटफॉर्म पर जरूरी फिल्टर लगाएगा।
15 जनवरी तक चुनावी रैलियों पर रोक :
चुनाव आयोग ने शनिवार को 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की। उत्तर प्रदेश में इस बार सात चरणों में मतदान संपन्न होगा और यह 10 फरवरी से शुरू होगा और अंतिम चरण 7 मार्च को होगा। वहीं, उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में एक ही चरण में 14 फरवरी को मतदान होना है। मणिपुर में दो चरणों में 27 फरवरी और 3 मार्च को मतदान होगा। सभी राज्यों के चुनाव नतीजे 10 मार्च को आएंगे।
चुनाव आयोग की इस घोषणा के साथ ही उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, पंजाब और गोवा में आचार संहिता लागू हो गई है। कोविड-19 संक्रमण के मामलों की बढ़ती संख्या और इसके नए प्रकार के ओमिक्रोन वैरिएंट को देखते हुए चुनाव आयोग ने डिजिटल प्रचार पर जोर दिया है और यह भी कहा है कि कोई भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार सुरक्षा कारणों से किसी भी तरह की रैली या जनसभा का आयोजन नहीं कर सकता है। रोड शो, वॉक या साइकिल या बाइक रैलियां या नुक्कड़ सभा जैसे कार्यक्रम 15 जनवरी तक नहीं होंगे।