नई दिल्ली: पिछले मानसून सत्र के दौरान रैली करने वाले कांग्रेस समेत और भी कई पार्टियों के 12 राज्यसभा सांसदों को मौजूदा शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है. विपक्षी समूहों ने विधानसभा के बहिष्कार का आह्वान किया. संसद में शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विपक्ष ने सांसदों को निलंबित करने के फैसले को वापस लेने की मांग की.
If the 12 suspended members of Rajya Sabha want to come to the House, then they should express remorse. Let them sit on dharna...I pray Mahatma Gandhi gives them wisdom: Union Minister Pralhad Joshi pic.twitter.com/Y5v1P5PO5q
— ANI (@ANI) December 1, 2021
राज्यसभा के अध्यक्ष एम. वेंकैया नायडू ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया. इसलिए विपक्ष ने राज्यसभा से वाकआउट किया. राज्यसभा के अलावा विपक्ष ने लोकसभा में भी जमकर आरोंप लगाए. जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही लगातार दूसरे दिन भी स्थगित करनी पड़ी.
Opposition leaders protest at Mahatma Gandhi statue in Parliament premises demanding revocation of suspension of 12 Opposition MPs of Rajya Sabha pic.twitter.com/v9IVEGjzby
— ANI (@ANI) December 1, 2021
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद नए सांसदों ने शपथ ली, जिसके तुरंत बाद टीआरएस सांसद ने समर्थन मूल्य के लिए कानून बनाने की मांग की. साथ ही कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग की.
टीआरएस सांसद वेल में पहुंचे, जबकि कांग्रेस और वामपंथी सांसद अपनी सीटों पर बैठकर मांग में शामिल हो गए. टीआरएस सांसदों ने भी जमकर नारेबाजी की. हालांकि, कुछ देर बाद कांग्रेस, राकांपा, वाम, द्रमुक और अन्य पार्टियों के सांसदों ने लोकसभा से वाकआउट कर दिया.
कई दल मांग कर रहे हैं कि वर्तमान जनगणना जाति के आधार पर हो, जिसके जवाब में सरकार ने तर्क दिया है कि आजादी के बाद SC और ST को छोड़कर कोई जाति आधारित जनगणना नहीं है. तो यह स्पष्ट है कि सरकार जाति आधारित जनगणना कराने के लिए तैयार नहीं है.
इस बीच, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि देश भर में पिछले साल 5579 किसानों ने आत्महत्या की, जबकि 2019 में इससे ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की थी. हालांकि किसानों की आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है. साथ ही कृषि मंत्री ने कहा कि, आंदोलन में मरने वाले किसानों का कोई आकड़ा हमारे पास नहीं है इसलिए हम उन्हे मुआवजा कैसे दे सकते है.
पिछले साल आत्महत्या करने वाले किसानों में महाराष्ट्र के 2567, कर्नाटक के 1072, आंध्र प्रदेश के 564, मध्य प्रदेश के 235 और छत्तीसगढ़ के 227 किसान थे. आंकड़ों में सामान्य गिरावट के साथ, सरकार ने कहा कि आंकड़ों में गिरावट आई है.