भोपाल: प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित नर्मदा नदी के उद्गम स्थल एवं प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर अमरकंटक में शंभू धारा आरक्षित वन क्षेत्र में स्थित जलाशय के किनारे सिर्फ एक ध्यान कुटी बनेगी। इस ध्यान कुटी का डिजाईन ईको पर्यटन बोर्ड ने बनाया है तथा इसे मंजूरी के लिये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास भेजा है। यह कुटी स्थानीय पत्थरों एवं नकड़ी-घांसफूस से बनेगी न कि कांक्रीट की। दरअसल मुख्यमंत्री चौहान ने नौ माह पहले 21 जनवरी को अमरकंटक प्रवास के दौरान ऐसी ध्यान कुटी बनाने की घोषणा की थी। कोविड की दूसरी लहर आने के कारण इस घोषणा पर अमल रुक गया था और अब हालात सुधारने पर इस पर फिर अमल शुरु हो गया है। फिलहाल अमरकंटक में बहुत सारी ध्यान कुटी न बनाकर सिर्फ एक ध्यान कुटी ही पायलट प्रोजेक्ट के तहत बनाने का निर्णय लिया गया है। चूंकि आरक्षित वन क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही नहीं हो सकती है, इसलिये शंभू धारा क्षेत्र को ईको पर्यटन क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव राज्य शासन के पास भेजा गया है। यह क्षेत्र ईको पर्यटन के लिये नोटिफाईड होने पर इसमें पर्यटक आ जा सकेंगे।
यूकेलिप्टस के वृक्ष भी काटे गये :
मुख्यमंत्री चौहान ने अमरकंटक के प्रवास के दौरान वहां लगे यूकेलिप्टस के वृक्ष भी काटने एवं उनके स्थान पर साल सौर के पौधे लगाने की भी घोषणा की थी। उनकी घोषणा के बाद अमरकंटक के 50 हैक्टेयर बिगड़े वन क्षेत्र को वर्किंग प्लान में लिया गया तथा 18 हैक्टेयर क्षेत्र में लगे यूकेलिप्टस के करीब छह हजार वृक्ष काट दिये गये। चूंकि यूकेलिप्टस वृक्ष दलदली भूमि पर लगे थे, इसलिये उसमें साल सौर के पौधे टिक नहीं पाये हैं। इसलिये अब वहां अन्य स्थानीय प्रजाति के पौधे लगाये जा रहे हैं जिनमें औषधीय पौधे भी शामिल हैं।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि सीएम की घोषणा का पालन किया जा रहा है तथा पायलट प्रोजेक्ट के तहत अमरकंटक में एक ध्यान कुटी ईको पर्यटन बोर्ड के माध्यम से बनाई जाने की तैयारी है। यूकेलिप्टस के वृक्ष इसलिये काटे गये क्योंकि यह विदेशी प्रजाति का है तथा जैव-विविधता वाले अंरकंटक में इसके स्थान पर स्थानीय प्रजाति के पौधे लगाये जायेंगे।