चीतों का दस्ता अगले साल ही आएगा...

भोपाल । मध्य प्रदेश के जंगल अफ्रीकन चीतों की दहाड़ सुनने की आस में हैं, लोग इस नये रोमांच को महसूस करने के लिए बेताब हैं लेकिन चीतों का इंतजार लंबा खिंचता जा रहा है। जिन 20 चीतों को अफ्रीका से कूनो नेशनल पार्क में लाने की कवायद का ढिंढोरा पीटा जा रहा है वह मामला अभी भी सरकार और वन विभाग के बीच ही झूल रहा है। उधर यह भी कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार से चीते लाए जाने की अंतिम तौर पर हरी झंडी नहीं मिल पाई है।

उल्लेखनीय है कि चीता फिर से देश में बसाने का प्रोजेक्ट बहुत पुराना है। 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी को इसकी मंजूरी दी थी कि प्रयोग के लिए अफ्रीकन चीते को भारत के जंगलों में लाया जाए। पिछले कुछ महीनों से प्रोजेक्ट ने फिर रफ्तार पकड़ी तो है, मप्र के स्थापना दिवस 1 नवंबर को ही चीते कूनो नेशनल पार्क में लाने की बहुतेरी कोशिशें थी. 

मगर अब जानकारों का कहना है कि केंद्र सरकार से तारीख नहीं मिल पाई। इस कारण मामला अटक गया था। अब इस साल दिसंबर या फिर अगले साल जनवरी फरवरी तक चीते मध्यप्रदेश में लाए जा सकते हैं। इसके पहले वन विभाग के अफसरों और मैदानी कर्मचारियों के एक दल को भी अफ्रीका भेजकर चीतों की देखभाल का हुनर सीखने के लिए भेजा।

बताया जाता है कि श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीका से 20 चीते लाने का प्लान है। इस साल अगस्त में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चीतों को भारत लाने की तैयारी को लेकर केंद्रीय श्रम एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से भी चर्चा की थी। दो चरण में 10 नर और 10 मादा चीते कूनो नेशनल पार्क में शिफ्ट कराने का प्लान है। सूत्रों का कहना है कि अब केंद्र सरकार से तारीख मिलने का इंतजार है। अगले साल हरी झंडी मिलने की उम्मीद है।

नौरादेही भी माना था अनुकूल:

दरअसल कूनो के अलावा 1200 किलोमीटर में फैले नौरादेही अभ्यारण को भी चीतों के लिए अनुकूल माना गया था, लेकिन कूनो को अब ज्यादा अनुकूल माना गया। राजस्थान में चीतों के लिए चार स्थानों का सर्वेक्षण किया गया था।

75 करोड़ रुपए होंगे खर्च:

वन विभाग के अनुसार 20 अफ्रीकी चीते, दक्षिण अफ्रीका से ग्वालियर लाए जाएंगे। फिर यहां से सड़क मार्ग के जरिए उन्हें कूनो राष्ट्रीय पार्क ले जाया जाएगा। 5 साल तक इनके रखरखाव पर 75 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मार्च 2021 में एक्सपर्ट की टीम ने कूनो राष्ट्रीय पार्क का सर्वेक्षण किया था। उन्होंने रिपोर्ट में कहा था कि चीतों को यहां रखा जा सकता है। 

हालांकि कूनो पार्क को पहले गिर के शेरों के लिये तैयार किया गया था, लेकिन गुजरात सरकार के हठ के आगे मप्र सरकार नतमस्तक है लिहाजा अब इसे चीतों के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी प्रोजेक्ट पर कुछ समय पहले मीटिंग की थी। कूनो राष्ट्रीय पार्क 750 वर्ग किलोमीटर में फैला है।