सरकार की पूरी तैयारी पीएम मोदी के सामने मप्र के आदिवासी समाज के समर्थन व सम्मान की तस्वीर पेश करने की है। यहां दो लाख आदिवासियों को जंबूरी मैदान पर जुटाने का दावा है। हालांकि हाल में भाजपा और कांग्रेस के बीच आदिवासियों के सम्मान व परवाह के जरिये समर्थन हासिल करने की इस जंग में पीएम मोदी का दौरा और बड़े पैमाने पर जनजातीय सम्मेलन एक महत्वपूर्ण मोड़ है। माना जा रहा है किजंबूरी में जनजातीय गौरव दिवस के मंच से आदिवासियों के लिये सरकार की ओर से कई बड़ी घोषणाओं की भी झड़ी लग सकती है। उल्लेखनीय है किसरकार की इन सभी कोशिशों को मप्र के आदिवासी वर्ग को सियासी तौर पर साधने की कोशिशों पर भी देखा जा रहा है।

पीएम के दौरे की मेगा तैयारियां

इधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सुबह भोपाल के ट्राइबल म्यूजियम पहुंचकर जनजातीय नायकों की कला वीथिका का लोकार्पण भी किया। उन्होंने आदिवसियों के साथ संवाद के दौरान मप्र में आदिवासियों की महत्ता व सरकार की उनके प्रति फिक्र को लेकर बात की इसके बाद मुख्यमंत्री रविवार को भी स्टेशन पहुंचें और लोकार्पण की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव भी लोकार्पण से पहले रविवार रात तक पहुंचेंगे। वे रेलवे बोर्ड व पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारियों के साथ स्टेशन पर की जा रही तैयारियों की समीक्षा करेंगे। अधिक सुधार की गुंजाइशों पर काम करेंगे। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन व सीईओ सुनीत सक्सेना भोपाल पहुंच चुके हैं। वे पूरे दिन पश्चिम मध्य रेलवे के जीएम सुधीर कुमार गुप्ता के साथ स्टेशन पर रहेंगे और तैयारियां करवाएंगे।

 

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