भोपाल। राज्य सरकार ने जबलपुर स्थित पावर जनरेटिंग कंपनी को अपने सारणी में प्रस्तावित एक गुणित 660 मेगावाट के ताप विद्युत प्लांट के लिये सतपुड़ा बांध से आवंटित 17.32 मिलियन घनमीटर वार्षिक जल के लिये निर्धारित शुल्क अदा कर जल संसाधन विभाग से अनुबंध करने की समयावधि एक साल बढ़ा दी है। अब कंपनी को 31 अक्टूबर 2022 तक अनुबंध करने की मोहलत दी गई है। 

इधर राज्य सरकार ने शाजापुर जिले में स्थित मक्सी औद्योगिक क्षेत्र के लिये एमपी आईसीडीसी लिमिटेड इंदौर को नर्मदा-क्षिप्रा बुहउद्देश्यीय लिंक परियोजना से 1.095 मिघन वार्षिक जल का आवंटन किया है। 

इसी प्रकार, पीएचई विभाग को धार जिले के सरदारपुर विकासखण्ड के 23 ग्रामों की 75 बसाहटों और 29 ग्रामों की 97 बसाहटों की रेट्रोफिटिंग समूह योजना हेतु माही उपबांध कालीकराय से क्रमश: 1.90 एवं 2 मिघम सालाना पानी आवंटित किया है। 

पीएचई को झाबुआ जिले के विकासखण्ड झाबुआ, पेटलावद, थांदला, राणापुर एवं रामा के 154 ग्रामों की जल जीवन मिशन अंतर्गत नलजल समूह योजना हेतु माही मुख्य बांध से 9.14 मिघम वार्षिक जल आवंटित किया गया है। 
कंपनी के नाम को बदलने की दी मंजूरी :

इधर खरगौन जिले में मेसर्स सेंचुरी यार्न कंपनी को नर्मदा नदी से उसके टेक्सटाईल्स मेनुफेक्चरिंग प्लांट हेतु 65 हजार किले लीटर प्रति माह जल आवंटित किया गया था। अब इस कंपनी ने अपना नाम मनजीत ग्लोबल प्रायवेट लिमिटेड कर लिया है तथा राज्य शासन ने नाम परिवर्तन की मंजूरी प्रदान कर दी है।