एआईएफ से ब्याज अनुदान लेने हेतु मंडी बोर्ड द्वारा प्रोजेक्ट बनाने की तैयारी प्रारंभ.. डॉ. नवीन जोशी


भोपाल: भारत सरकार द्वारा एग्रीकल्चरल इन्फ्रस्ट्रक्चर फण्ड (एआईएफ) एक लाख करोड़ रुपये कर दिया है। इस फण्ड से दो करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट पर 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाता है। अब इस फण्ड का लाभ लेने के लिये राज्य मंडी बोर्ड ने प्रोजेक्ट बनाने की तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं।
 
मण्डी बोर्ड के प्रबंध संचालक विकास नरवाल ने एआईएफ का प्रदेश की कृषि उपज मंडी समितियों में उपयोग एवं उसके प्रतिपल तथा कृषकों की आय में वृध्दि के संबंध में राज्य के कृषि विभाग तथा मंडी बोर्ड के कन्स्लटेंट अर्नस्ट एण्ड यंग के प्रबंधक एवं मंडी बोर्ड के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर इसके क्रियान्वयन हेतु दो अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है, जिनमें मंडी बोर्ड की संयुक्त संचालक संगीता ढोके एवं उप संचालक रश्मि कश्यप शामिल हैं।
 
उक्त दोनों नोडल अधिकारी उक्त संबंध में समय-समय पर प्रतिवेदन तैयार कर उसे मंडी बोर्ड के एमडी को प्रस्तुत करेंगे। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत कृषि उपज मंडियों में अधोसंरचना विकास के लिये प्रस्ताव तैयार किया जायेगा और इसे एआईएफ से स्वीकृत कराने के बाद नाबार्ड आदि बैंकों से ऋण लिया जायेगा। एआईएफ 2 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट पर 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान करता है।