कोरोना काल में जब सब कुछ बंद था तो सिरोंज जिले में छह हजार शादियां हुई थीं। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों की विवाह सहायता योजना में शासन द्वारा 51-51 हजार रुपये स्वीकृत किये गये। इसी के साथ बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने अपनी ही पार्टी की सरकार को घेर लिया और उस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. एक साल से अधिक समय से जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य स्तर पर जांच कराने के निर्देश दिए हैं.प्रश्नकाल के दौरान श्रम मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सिरोंज जिला पंचायतों में विवाह सहायता योजना में भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त हुई हैं. जवाहर सिंह व गोविंद सिंह की शिकायत पर विदिशा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जांच कर रिपोर्ट दी है. जिसमें पता चला कि पहले शादी हुई और फिर रजिस्ट्रेशन कराया गया जो नियमानुसार गलत है. कार्यवाही की जा रही है।
इस संबंध में विधायक ने कहा कि इसमें भ्रष्टाचार है। 20-20 हजार रुपये की रिश्वत ली गई है। विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि एक ही जिले में इतनी शादियां कोरोना काल में संदेह का कारण बनीं. राज्य स्तर पर जांच होनी चाहिए। इस पर शर्मा ने कहा कि सीईओ को हटाकर और निलंबित कर जांच कराई जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो भ्रष्टाचार जारी रहेगा।
मप्र विधानसभा में कोंग्रेस विधायक विजयलक्ष्मी साधो ने खरगौन जिले में 2019-20 में हुई अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों के नुकसान पर किसानों को शेष राहत राशि नही मिलने का मामला उठाया,, जिसमे राजस्व मंत्री गोविंद सिंह ने शीघ्र शेष राहत राशि का भुगतान करने का आश्वासन दिया,,
पूर्व मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधो ने भारी बारिश से हुए नुकसान का किसानों को मुआवजा नहीं देने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि राशि का 25 प्रतिशत ही दिया गया है। कमलनाथ सरकार के दौरान भी इसका वितरण किया गया था। शेष 75 प्रतिशत राशि के संबंध में कहा जा रहा है कि समय सीमा नहीं बताई गई है। इस बात को लेकर उनका राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत से बहस हो गई।
राजपूत ने कहा कि वह पूछे गए किसी भी प्रश्न का उत्तर देने के लिए तैयार हैं। मामले को बढ़ता देख संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने हस्तक्षेप किया और कहा कि जल्द से जल्द राशि का वितरण किया जाएगा लेकिन समय सीमा बताना संभव नहीं। इस पर साधो ने कहा कि किसान दो साल से परेशान हैं.