चंडीगढ़: पंजाब में सत्तारूढ़ कांग्रेस पिछले कुछ समय से विवादों में घिरी हुई है। राज्य विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही कांग्रेस में भारी फूट नज़र आने लगी है। इस बीच, पंजाब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक पूर्व मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी, कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं।

पंजाब के फिरोजपुर में गुरुहरसहाय से विधायक राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने ट्विटर पर सोनिया गांधी को इस्तीफे का पत्र भेजकर नाराजगी जताई हैं। इसमें वे लिखते हैं, पार्टी कों पंजाब की घुसपैठ और लाचारी की स्थिति नजर नहीं आती है। कांग्रेस ने राज्य की सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव से समझौता किया है। भारी मन से मैं कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं।

राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी के कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद, वह पंजाब भाजपा के प्रभारी केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हो गए। राणा गुरमीत अमरिंदर सिंह की सरकार में खेल मंत्री थे। कैप्टन के इस्तीफा देने के बाद गुरमीत को भी मंत्रालय से हटा दिया गया था। तब से उन्होंने कांग्रेस से दूरी बना ली थी।

राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी को पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का करीबी माना जाता है। 67 वर्षीय राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी 1973 से राजनीति में सक्रिय हैं। उन्हें पंजाब में कांग्रेस के बड़े नेताओं में से एक माना जाता है। 2002 में वे पहले विधायक बने। उसके बाद से वह लगातार चुनाव जीतते आ रहें हैं। इस बीच उनके भाजपा में शामिल होने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि अब कैप्टन अमरिंदर सिंह भी सीधे भाजपा में शामिल होंगे।