भोपाल: मप्र सिंचाई प्रबंधन में कृषकों की भागीदारी अधिनियम, 1999 के अधीन नवीन सिंचाई परियोजनाओं के कमाण्ड क्षेत्र में जल उपभोक्ता संथाओं के गठन हेतु अभी तक 49 हजार हैक्टेयर क्षेत्र के लिये ही प्रस्ताव मिले हैं। प्रमुख अभियंता जल संसाधन मदन सिंह डावर ने सभी मुख्य अभियंताओं एवं कार्यपालन यंत्रियों से कहा है कि बहाव पद्धति (ग्रेविटेशनल फ्लो) की नवीन पूर्ण अथवा निर्माणाधीन परियोजनाओं के अंतर्गत विकसित सैच्य क्षेत्र (कमांड एरिया) में नवीन जल उपभोक्ता संथाओं (डब्ल्युयूए-वॉटर यूजर्स एसोसियेशन) के गठन हेतु प्रस्ताव चाहे गये थे एवं दिशा निर्देश प्रेषित किये गये थे।
प्रत्युत्तर में जल संसाधन सर्वेक्षण संभाग बालाघाट एवं जल संसाधन संभाग कटनी से लगभग 1000 हेक्टेयर तथा पूर्व में प्राप्त प्रस्तावों को जोड़ कर लगभग 49 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन डब्ल्युयूए के गठन के प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं। मार्च- 2020 की स्थिति में प्रदेश में 24.73 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में डब्ल्युयूए गठित थी एवं वर्तमान में लगभग 27.35 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बहाव पद्धति से सिंचाई की जा रही है अर्थात लगभग 2.50 से 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन जल उपभोक्ता संथाओं (डब्ल्युयूए ) के गठन हेतु प्रस्ताव संभावित हैं।
इसलिये बहाव पद्धति की सिंचाई परियोजनाओं में नवीन डब्ल्युयूए के गठन हेतु शेष प्रस्ताव 14 अक्टूबर 2021 तक संचालक, पीआईएम, भोपाल को भेजे जायें। दबावयुक्त सिंचाई (प्रेशराईज्ड इरीगेशन) पद्धति की परियोजनाओं के कमाण्ड क्षेत्र में डब्ल्युयूए के गठन के प्रस्तावों हेत पृथक से निर्देश जारी किये जायेंगे।