भोपाल। प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में समर्थन मूल्य से कम दर पर फसल बेचे जाने का अब रिकार्ड रखा जायेगा। इसके लिये राज्य मंडी बोर्ड के एमडी विकास नरवाल ने सभी मंडी सचिवों को ऐसा रिकार्ड रखने के निर्देश जारी कर दिये हैं।

उल्लेखनीय है कि मप्र कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 की धारा 36 के अंतर्गत मंडी प्रांगण मे विक्रय हेतु लायी गयी अधिसूचित कृषि उपज की कीमत, खुली नीलामी पद्धति से निर्धारित करने की व्यवस्था है इसमे शासन द्वारा जिन कृषि उपज का समर्थन मूल्य घोषित किया गया है, उस कृषि उपज की बोली समर्थन मूल्य से कम पर प्रारम्भ नहीं होने का प्रावधान है। एमडी नरवाल ने कहा है कि उक्त व्यवस्था के तहत मंडी प्रांगण मे जिन कृषि उपज का शासन द्वारा समर्थन मूल्य घोषित किया गया है उसके घोष नीलामी मे बोली समर्थन मूल्य से ही प्रारम्भ की जाए।  नीलामी में कृषि उपज का जो विक्रय, समर्थन मूल्य से कम दर पर संपादित होंगे उन सभी सौदों में कृषि उपज का नमूना मंडी प्रशासन द्वारा संधारित किया जाएगा और उसमें नमूना परीक्षण पर्ची रखी जाएगी ताकि भविष्य मे सौदेवार नमूना को सुगमतापूर्वक चिन्हित किया जा सके।

रिकार्ड रखने से यह होगा लाभ :

दरअसल मंडियों में फसलों के आने पर उसकी गुणवत्ता (एफएक्यु-फेयर एवरेज क्वालिटी/नान एफएक्यु-नान फेयर एवरेज क्वालिटी) का निर्धारण किया जाता है। समर्थन मूल्य पर या उससे अधिक मूल्य पर वही फसल खरीदी जाती है जिसका एफएक्यु अच्छा होता है तथा नान एफएक्यु फसलों को समर्थन मूल्य से कम राशि में क्रय किया जाता है। बहुधा मंडियों में यह विवाद सामने आता है कि व्यापरीगण, किसानों से अच्छी गुणवत्ता वाली फसलें भी समर्थन मूल्य से कम राशि में खरीदते हैं। इसी विवाद से निपटने के लिये अब कम दर पर की गई खरीदी का रिकार्ड रखने की व्यवस्था की गई है। इसके लिये नमूना परीक्षण पर्ची का फार्मेट बनाया गया है। इस पर्ची में कृषक का नाम, पता, मोबाइल नम्बर, नीलामी दिनांक, कृषि उपज का नाम, आवक मात्रा (बोरे), नमूना मात्रा (ग्राम) एवं नमूना क्रमांक दर्ज करना होगा तथा अंत में संबंधित कृषक और प्रांगण प्रभारी/बोलीकर्ता कर्मी के हस्ताक्षर होंगे। नमूना परीक्षण पर्ची होने संधारित होने से विवाद की स्थिति में इस पर्ची के साथ संलग्र फसल के नमूने की जांच की जा सकेगी कि यह एफएक्यु वाली है या नान एफएक्यु वाली है।

ये भी दिये निर्देश :

एमडी नरवाल ने ये भी निर्देश दिये हैं कि मंडी प्रांगण मे विक्रय होने वाली कृषि उपज उसकी गुणवत्ता (एफएक्यु-फेयर एवरेज क्वालिटी/नान एफएक्यु-नान फेयर एवरेज क्वालिटी) का निर्धारण प्रांगण प्रभारी और बोलीकर्ता मंडी कर्मचारी द्वारा किया जाए। कृषि उपज की औसत अच्छी किस्म (एफएक्यु) शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड के आधार पर ही तय होगी। यदि प्रांगण प्रभारी और बोलीकर्ता मंडी कर्मचारी के द्वारा कृषि उपज की निर्धारित किस्म से विक्रेता /कृषक अथवा क्रेता व्यापारी सहमत नहीं होते हैं, तो उस स्थिति मे मामले का निराकरण मंडी सचिव द्वारा किया जाएगा, जिसका निर्णय क्रेता/विक्रेता दोनों के लिए मान्य होगा।