महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर अवैध वसूली का आरोप लगने के बाद पूर्व पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह के मामले में एक नया खुलासा हुआ है. अभी तक यही कहा जा रहा है कि परमवीर सिंह जांच से बचने के लिए देश छोड़कर भाग गए है. लेकिन अब उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वह अभी भी देश में हैं और जांच में सहयोग करने को तैयार हैं.

परमवीर सिंह की याचिका पर सुनवाई के दौरान उनके वकील ने शीर्ष अदालत से कहा कि वह इसलिए छुपा रहे हैं क्योंकि मुंबई पुलिस से उनकी जान को खतरा है. वह 48 घंटे के भीतर सीबीआई या अदालत में पेश होने के लिए तैयार है.

इस खुलासे के बाद शीर्ष अदालत ने परमवीर सिंह को जांच में सहयोग करने को कहा है. कोर्ट ने अब परमवीर सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और मामले की जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है. उनके वकील ने कोर्ट को बताया कि पूरे मामले में परमवीर सिंह को फंसाया जा रहा है.

केवल वही अधिकारी जिन्हें उन्होंने भ्रष्ट आचरण के लिए दंडित किया है, उन्हें आज अभियोजक बनाया गया है. इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और महाराष्ट्र के डीजीपी को नोटिस भेजा है. इसके तहत फिलहाल परमवीर सिंह के खिलाफ किसी भी कार्रवाई पर रोक लग गई है. अदालत छह दिसंबर को आगे की सुनवाई करेगी.