भारतीय गणतंत्र दिवस पर होने वाली परेड की चर्चा देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में होती है। लेकिन इस साल यह दिन पहले से ज्यादा खास होने वाला है। गणतंत्र दिवस समारोह के तहत 26 जनवरी को 75 लड़ाकू विमान एक साथ उड़ान भरेंगे। यह राजपथ पर अब तक का सबसे शानदार फ्लाईपास्ट होगा। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के पीआरओ विंग कमांडर इंद्रनील नंदी ने यह जानकारी दी।

पांच राफेल लड़ाकू विमान करतबों से अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे। पहली बार नौसेना के मिग29के और पी8आई लड़ाकू विमान भी भाग ले रहे हैं। विंग कमांडर इंद्रनील नंदी ने समाचार एजेंसी को बताया कि गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायु सेना, 75 लड़ाकू विमानों के साथ राजपथ पर होने वाला यह अब तक का सबसे शानदार फ्लाईपास्ट होगा। अमृत ​​महोत्सव के 75वें वर्ष में 17वां जगुआर विमान आसमान में दिखाई देगा। इस बार राफेल और जगुआर जैसे विमान एक साथ दहाड़ेंगे।

रक्षा संस्थान के सूत्रों ने कहा कि राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस की स्थिति को देखते हुए इस साल केवल 24,000 लोगों को परेड में भाग लेने की अनुमति है। उन्होंने कहा कि इससे पहले 2020 में करीब सवा लाख लोगों को शामिल होने की इजाजत थी। यानी इस बार गणतंत्र दिवस समारोह 24 जनवरी के बजाय 23 जनवरी से शुरू हो जाएगा, क्योंकि इस दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जन्म जयंती होती है।

इस साल गणतंत्र दिवस परेड में एक विशेष गैलरी भी आकर्षण का केंद्र होगी। कलाकुंभ का आयोजन राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय द्वारा भुवनेश्वर और चंडीगढ़ में संस्कृति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के सहयोग से देशभर के विभिन्न कलाकारों की भागीदारी के साथ किया गया था। जिसके तहत देश के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले गुमनाम वीरों की तस्वीरें तैयार की गई हैं, जिनमें उनकी वीरता और संघर्ष की कहानियां दिखाई गई हैं।

इन तस्वीरों को गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर प्रदर्शित किया जाएगा। भुवनेश्वर और चंडीगढ़ में 75 मीटर के कुल 10 स्क्रॉल कैनवास पर पेंटिंग बनाई गई, जिसकी कुल लंबाई 750 मीटर से अधिक थी। गणतंत्र दिवस 2022 के अवसर पर राजपथ पर स्क्रॉल को कलात्मक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।