विपक्ष ने संसद के शीतकालीन सत्र में संघर्ष विराम का आह्वान किया। अब विपक्ष लखीमपुर हिंसा मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अजय मिश्रा टेनी को हटाने की मांग कर रहा है। विपक्ष ने राज्यसभा में 12 सांसदों के निलंबन को रद्द करने की भी मांग की। 12 सांसदों का निलंबन रद्द करने की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
कांग्रेस ने राज्यसभा में भी निलंबित सांसदों के साथ लखीमपुर का मुद्दा उठाने की कोशिश की थी, लेकिन अध्यक्ष ने कहा कि कोई लिखित निर्देश नहीं दिया गया था, इसलिए इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की जा सकी। इसके बाद हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि अजय मिश्रा टेनी को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए।
Lok Sabha adjourned till 2 pm amid uproar in the House by Opposition MPs over Lakhimpur Kheri incident. pic.twitter.com/xs03s3GBhb
— ANI (@ANI) December 15, 2021
कांग्रेस सांसदों ने बुधवार को लखीमपुर खीरी कांड पर चर्चा के लिए लोकसभा में कई स्थगन नोटिस जारी किए और एसआईटी रिपोर्ट द्वारा हिंसा को "पूर्व नियोजित" बताए जाने के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को हटाने की मांग की। राहुल गांधी ने पार्टी के मुख्य सचेतक के सुरेश और मनिकम टैगोर के साथ मिलकर टेनी को हटाने पर जोर दिया। बता दें कि, 3 अक्टूबर को, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में तीन विवादास्पद कृषि कानूनों का विरोध कर रहे चार किसानों को उनके बेटे ने कथित तौर पर कुचल दिया था।
मंगलवार को, लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के समक्ष एक याचिका दायर कर 13 आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास में दोषी ठहराए जाने के लिए नए आरोप लगाने की मांग की। एसआईटी के जांच अधिकारी विद्याराम दिवाकर ने सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर वारंट में आईपीसी की धारा 279, 338 और 304ए की जगह नई धाराएं जोड़ने की मांग की थी। अपने आवेदन में जांच अधिकारी ने कहा कि "यह घटना एक जानबूझकर और जानबूझकर की गई साजिश थी।"