मुंबई एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेडे सोमवार को दिल्ली में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज आयोग को सौंपे हैं। दस्तावेज सौंपकर बाहर आए वानखेड़े ने कहा कि सभी दस्तावेज आयोग को सौंप दिए गए हैं, अब आयोग सत्यापन के बाद रिपोर्ट देगा। आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला ने कहा कि वानखेड़े दस्तावेज का सत्यापन किया जा रहा है।
Whatever facts and documents asked by the Commission have been provided to them today. My complaint will be verified and soon Commission's Chairman will reply on it: Sameer Wankhede after meeting with Chairman of National Commission for Scheduled Castes in Delhi pic.twitter.com/NhB6XpGuzB
— ANI (@ANI) November 1, 2021
महाराष्ट्र के मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े पर कई आरोप लगाए हैं। नवाब मलिक का दावा है कि समीर वानखेडे मुसलमान हैं और उन्हें फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर नौकरी मिल गई। वानखेड़े पहले ही मलिक के आरोपों का खंडन कर चुके हैं और अपने दस्तावेज आज निर्धारित आयोग को सौंप चुके हैं।
Delhi | Documents provided by Sameer Wankhede will be verified with Maharashtra government. If the documents found valid then no one can take action against him on the basis of his documents: Vijay Sampla, Chairman of National Commission for Scheduled Castes pic.twitter.com/MsPFDWojSn
— ANI (@ANI) November 1, 2021
समीर वानखेडे ने अपना जाति प्रमाण पत्र, अपनी पहली पत्नी से बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र और तलाक के कागजात आयोग को सौंपे हैं। उसने शादी के दस्तावेज भी दिए हैं। आयोग इस दस्तावेज की जांच करेगा।राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला ने कहा कि वानखेड़े ने पहले एक याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि 29 अक्टूबर को महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया गया था लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।
उन्होंने कहा वानखेड़े ने कहा था कि वह अनुसूचित जाति के हैं और किसी को उन पर शक नहीं करना चाहिए। विजय सांपला ने कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव, डीजीपी और आयुक्त से जानकारी मांगी है। जानकारी मिलने के बाद हम तय करेंगे कि आगे क्या करना है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हमें वानखेड़े के दस्तावेज ठीक से मिल जाते हैं तो हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके अधिकारों की रक्षा हो।