जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में मंगलवार को सुरक्षा बलों ने दो आतंकियों को ढेर कर दिया। मारे गए आतंकियों में हैदर नाम का एक विदेशी भी था। मुठभेड़ में आतंकियों की मदद करने वाले दो साथी भी मारे गए। मारे गए साथियों की पहचान अल्ताफ और मुदस्सिर गुल के रूप में हुई है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मौके से दो पिस्तौल, छह मोबाइल फोन और एक कंप्यूटर बरामद किया है। कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) विजय कुमार ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सोमवार शाम श्रीनगर में हैदरपोरा मुठभेड़ में एक विदेशी आतंकवादी, उसका स्थानीय सहयोगी, एक डॉक्टर (मुदासिर गुल) और एक मकान मालिक (अल्ताफ) मारा गया। फायरिंग में गृहस्वामी की मौत हो गई। चौथा ओजीडब्ल्यू (मुदस्सिर) था जिसने "आतंकवादी ठिकाने" के रूप में उपयोग करने के लिए हैदर को अपना घर किराए पर दिया था।

आतंकियों ने की अंधाधुंध फायरिंग :

आईजीपी कश्मीर ने कहा कि पुलिस को सोमवार शाम को हैदरपोरा में राष्ट्रीय राजमार्ग के पास आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली। इसके बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी, तभी आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी। इसी दौरान आतंकियों ने कई राउंड की सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को ढेर कर दिया।

आतंकियों को पनाह देने वाला था आतंकी :

आईजीपी ने आतंकियों को पनाह देने वाले डॉक्टर मुदस्सर के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मुदस्सर ने दोनों आतंकियों को रहने के लिए अपना घर दिया था और हैदर को घटनास्थल से बाहर निकलने में भी मदद की थी। इस दौरान एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। इतना ही नहीं मुदस्सर दक्षिण और उत्तरी कश्मीर से आतंकियों को लाने में भी शामिल था।

जांच के लिए एसआईटी का गठन :

आईजी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) की अध्यक्षता में विशेष जांच दल एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी। डीआईजी के नेतृत्व वाली एसआईटी हाईटेक लोकेशन और आतंकियों के तौर-तरीकों की जांच करेगी। टीम इस बात की भी जांच करेगी कि आतंकी किसी दूसरे देश के संपर्क में तो नहीं थे। टीम उन घटनाओं के क्रम की भी जांच करेगी जिनके कारण घर के मालिक और आतंकवादी सहयोगी की हत्या हुई।