मध्यप्रदेश की माटी के सपूत जितेंद्र कुमार जी को सादर श्रद्धांजलि। जिस हृदय विदारक हेलीकॉप्टर हादसे ने सीडीएस बिपिन रावत जी को हमसे छीन लिया, उसी में सीहोर के पुत्र ने कर्तव्य निर्वहन करते हुए प्राण गवां दिए। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर श्रीचरणों में स्थान दें।

सीडीएस विपिन रावत की सुरक्षा में तैनात नायक जीतेन्द्र कुमार की भी इस हादसे में दुखद मौत हो गई। जीतेन्द्र कुमार मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के धामनदा गांव के निवासी थे जितेंद्र सीडीएस बिपिन रावत के पीएसओ थे। घटना के वक्त वो भी सीडीएस बिपिन रावत के साथ हेलीकॉप्टर में उपस्थित थे। जीतेन्द्र की मृत्यु की खबर लगते ही उनके गांव में मातम का माहौल है। जीतेन्द्र कुमार के पिता का नाम शिवराज वर्मा और मां का नाम धापी बाई है। जीतेन्द्र दो भाई व दो बहनें हैं । जितेंद्र कुमार का एक साल का बेटा भी है।

 

देश के सीडीएस बिपिन रावत  का मध्यप्रदेश से गहरा नाता है। उनकी ससुराल मध्यप्रदेश के शहडोल में है। उनकी पत्नी मधुलिका रावत मध्यप्रदेश के राजपरिवार की बेटी है। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के सोहागपुर स्थित गढ़ी में बिपिन रावत की ससुराल है। उनकी पत्नी मधुलिका रावत यही पर पली और बढ़ी हुई। वे स्व. कुंवर मृगेंद्र सिंह की पुत्री हैं। मृगेंद्र सिंह रीवा घराने से ताल्लुक रखते हैं।
बिपिन रावत की मधुलिका सिंह से शादी 1985 में हुई थी। जनरल रावत और मधुलिका की दो बेटी हैं। बड़ी बेटी कृतिका रावत है, जिनकी शादी मुंबई में हुई है, जबकि छोटी बेटी तारिणी अभी पढ़ाई कर रही हैं। विपिन रावत के ससुर मृगेंद्र सिंह शहडोल के सोहागपुर से 1967 और 1972 में कांग्रेस से दो बार विधायक रह चुके हैं। बिपिन रावत उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में पैदा हुए थे। 1978 से भारतीय सेना में थे। उन्हें 1978 में भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से ग्यारह गोरखा राइफल्स की पांचवी बटालियन में नियुक्त किया गया था