भोपाल। राज्य सरकार ने स्टेट और डिस्ट्रिक्ट कन्ज्युमर फोरम को फिर से गठन किया है। ऐसा इसलिये क्योंकि केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में नया उपभोक्ता संरक्षण कानून बनाया है तथा इसी कानून के तहत आयोग इन दोनों स्तर पर गठित आयोगों का गठन करने की वैधानिक जरुरत थी।

उक्त दोनों स्तर के आयोगों के गठन में राज्य एवं जिला आयोगों के अध्यक्षों एवं सदस्यों की नियुक्ति यथावत रखी गई है। दोनों स्तर पर गठित आयोगों का पुन: गठन भूतलक्षी प्रभाव से यानि 20 जुलाई 2020 से किया गया है क्योंकि इसी दिन नया कानून देशभर में प्रभावशील किया गया था।

जिला स्तर पर फिर से गठित आयोगों में भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर जिलों के दो-दो आयोग भी सम्मिलित हैं। इनके अलावा, सिंगल फोरम वाले रीवा, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, होशंगाबाद, मुरैना, गुना, धार, मंदसौर, सतना, खण्डवा, दमोह, विदिशा, शिवपुरी, भिण्ड, छिन्दवाड़ा,  रतलाम, कटनी, छतरपुर, सीहोर, रायसेन, देवास, मण्डला, डिण्डौरी, नरसिंहपुर, सीधी, शहडोल, अनूपपुर, शाजापुर, बैतूल, राजगढ़, अशोकनगर, बड़वानी, खरगौन, नीमच, हरदा, बुरहानपुर, श्योपुर, दतिया, सिवनी, बालाघाट, झाबुआ, पन्ना, टीकमगढ़ एवं उमरिया जिले भी शामिल हैं। निवाड़ी, सिंगरौली, आगर मालवा एवं अलीराजपुर जिलों में अभी फोरम गठित नहीं हुआ है तथा इनके मामलों को समीपस्थ पूर्व के जिले में सुनवाई हो रही है।