पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में सेंध लगने के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है, जिसकी जांच अब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व रिटायर्ड  जज की अध्यक्षता वाली नई कमेटी करेगी. इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट भी एक कमेटी बनाने पर राजी हो गया है. समिति में डीजीपी चंडीगढ़, आईजी राष्ट्रीय जांच एजेंसी, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल और एडीजीपी (सुरक्षा) पंजाब को शामिल करने का प्रस्ताव है. अदालत ने केंद्र और पंजाब सरकार को भी अपनी-अपनी जांच स्थगित करने का निर्देश दिया. इस सुनवाई से जुड़ी हुई 10 बड़ी बाते जानिए-

1. पीएम मोदी की सुरक्षा खामियों की जांच अब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जजों की अध्यक्षता में गठित नई कमेटी करेगी.

2. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और पंजाब सरकार को इस मामले में जांच निलंबित करने का निर्देश दिया है. इससे पहले पंजाब सरकार ने सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनकी निगरानी में एक कमेटी गठित करने को कहा था.

3. नई कमेटी में सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ के डीजीपी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी के आईजी, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और पंजाब के एडीजीपी (सुरक्षा) को शामिल करने का प्रस्ताव रखा है.

4. केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पीएम मोदी का पंजाब दौरा कोई आश्चर्य की बात नहीं है. इसके लिए 4 जनवरी को प्रशिक्षण आयोजित किया गया था. उनके इस दौरे की पूरी जानकारी पंजाब के आला अधिकारियों को भी थी.

5. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र ने कहा कि इस मामले में उसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाए. जांच पूरी होने के बाद केंद्र सुप्रीम कोर्ट को एक रिपोर्ट सौंपेगा, जो इसकी समीक्षा करेगी और कार्रवाई करेगी. पंजाब सरकार ने केंद्र के प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उसे केंद्र की समिति पर भरोसा नहीं है, इसलिए अदालत को अपनी ओर से एक समिति का गठन करना चाहिए.

6. पंजाब सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया कि राज्य के सात अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उनसे पूछा गया है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाए.

7. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर एसपीजी एक्ट की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि इस पूरी प्रक्रिया का पालन करने में गलती हुई है. इस पर कोई विवाद नहीं हो सकता. इस बात से कोई इंकार नहीं है कि सुरक्षा में खामियां और लापरवाही थी.

8. पंजाब सरकार ने भी माना है कि उनसे प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर गलती हुई है. उन्होंने कहा कि वह तय कर रहे हैं कि जांच का दायरा क्या होगा.

9. सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि आज सुबह 10 बजे हमें प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज मिले है.

10. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पूरे मामले के लिए डीजी और खुफिया अधिकारी जिम्मेदार हैं.

क्या है पूरा मामला ?

पीएम मोदी को 42,750 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखने पंजाब के फिरोजपुर पहुंचना था. उन्हें सड़क मार्ग से राष्ट्रीय शहीद स्मारक ले जाया गया क्योंकि खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर से वहा पहुंचना संभव नहीं था. हालांकि, प्रधानमंत्री का काफिला 15-20 मिनट तक फ्लाईओवर पर फंसा रहा क्योंकि किसानों ने मौके से कुछ दूरी पर सड़क जाम कर दिया. रास्ता साफ नहीं होने के कारण उन्हें रैली रद्द कर वापस लौटना पड़ा.