भोपाल। प्रदेश की कृ़षि उपज मंडियों की भूमि का अब सारा रिकर्ड तैयार होगा। राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक विकास नरवाल ने सभी कृषि उपज मंडियों के सचिवों से उनके मंडी परिसर में खाली पड़ी जमीनों की भी जानकारी मांगी है।

प्रबंध संचालक ने इस संबंध में पत्र जारी कर कहा है कि मंडी सचिव बतायें कि प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में किस प्रक्रिया के तहत भूमि प्राप्त की गई है। क्या स्वयं मंडी के द्वारा क्रय की गई है या शासन के द्वारा आवंटित की गई है या अग्रिम आधिपत्य पर उपलब्ध है या भुगतान कर अधिग्रहित की गई है या दान से या अन्य प्रकार स्रोत से प्राप्त की गई है।

प्रबंध संचालक ने यह भी जानकारी देने के लिये कहा है कि कृषि उपज मंडी की भूमि की राशि का भुगतान किया गया, किन्तु भूमि प्राप्त नहीं हुई है, भूमि आवंटित हुई किन्तु आधिपत्य प्राप्त नहीं हुआ, भूमि का आवंटन तो है पर नामान्तरण नहीं हुआ है, अभिलेख में मंडी का नाम दर्ज है, किन्तु मौके पर भूमि का आधिपत्य अप्राप्त है, भूमि के आवंटन या आधिपत्य या नामांतरण में कोई विधिक कठिनाई है, भूमि आवंटित है, किन्तु भूमि पर अतिक्रमण है- भी बतायें।

मंडी सचिवों को एक प्रोफार्मा भी ये समस्त जानकारियां दर्ज करने के लिये भेजा गया है जिससे पता चल सकेगा कि कृषि उपज मंडियों के पास कुल कितनी भूमि है, उसके कितने भाग में निर्माण है और कितना भाग रिक्त है।