हरिद्वार पहुंचे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने, हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय में आज शांतिकुंज स्वर्ण जयंती वर्ष व्याख्यानमाला में शामिल हुआ और अनुभव साझा किए। इस दौरान सीएम शिवराज ने कहा- मैं जो कुछ भी बेहतर कर पा रहा हूं, वह परम आदरणीय श्रद्धेय गुरुवर आचार्य श्री राम शर्मा जी की कृपा ही है।

उन्होंने कहा, परम श्रद्धेय गुरुवर आचार्य श्रीराम शर्मा जी का आशीर्वाद है कि मैं नित्य उनके दर्शन कर असीम ऊर्जा से भर जाता हूं और जन सेवा में जुट जाता हूं। मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए समर्पित परम श्रद्धेय गुरुवर आचार्य श्रीराम शर्मा जी ने संघर्ष किया और स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र के नवनिर्माण का चिंतन भी। उन्होंने इसके लिए चरित्रवान, समर्पित, राष्ट्रभक्त और परिश्रमी नागरिकों के निर्माण की शुरुआत की।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, विश्व समुदाय को एक करने की परिकल्पना तो अब आई। हमारे ऋषि-मुनियों ने भारत की पवित्र धरा से हजारों वर्ष पूर्व ही वसुधैव कुटुंबकम का मंत्र दे दिया था। पूरे विश्व को एक परिवार मानने का व्यापक विचार भारत की देन है। यह तेरा यह मेरा की छोटी सोच हमारी कभी नहीं रही। 

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा, परम आदरणीय श्रद्धेय गुरुवर आचार्य श्रीराम शर्मा जी के आशीर्वाद से जनसेवा की जो असीम ऊर्जा प्राप्त होती है, उसका वर्णन शब्दों से संभव नहीं है। हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय में आज शांतिकुंज स्वर्ण जयंती वर्ष व्याख्यानमाला में शामिल होकर अनुभव साझा किया।