भोपाल: प्रदेश के शहरों में स्थित विकास प्राधिकरण अपनी घोषित नगर विकास स्कीम के बाहर जाकर भी मार्ग, फ्लाईओवर, रेल्वे ओवर ब्रिज तथा पार्क बना सकेंगे। इसके लिये राज्य सरकार ने उन्हें सशक्त करने की तैयारी की है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के दस शहरों यथा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, देवास, रतलाम, कटनी, अमरकंटक एवं सिंगरौली में विकास प्राधिकरण हैं जबकि छह क्षेत्रों यथा ग्वालियर काउण्टर मेग्रेट, पचमढ़ी, खजुराहो, महेषवर-मण्डलेश्वर, ओरछा एवं चित्रकूट में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण हैं। ये विकास प्राधिकरण नगर विकास योजना घोषित कर उसमें विकास के कार्य करते हैं। इन विकास प्राधिकरणों के सामने यह समस्या थी कि वे जरुरत पडऩे पर नगर विकास स्कीम के बाहर जाकर कोई काम नहीं कर सकते हैं जबकि ये कार्य उस स्कीम को लाभ पहुंचाने वाले होते हैं।
इसीलिये अब राज्य सरकार ने मप्र नगर तथा ग्राम निवेश नियम 2012 में नौ साल बाद नगर विकास योजना से भिन्न कार्यों का किया जाना शीर्षक से नया प्रावधान शामिल किया है जिसमें कहा गया है कि विकास प्राधिकरण, नगर विकास योजना से भिन्न विकास योजना के घटकों, जैसे- मार्ग, फ्लाईओवर, रेल्वे ओवर ब्रिज तथा पार्क आदि के विकार्स कार्य, विकास प्राधिकरण मण्डल की स्वीकृति से कर सकेंगे। नये प्रावधान में यह भी उपबंध किया गया है कि उक्त कार्य, विगत वर्ष की प्राधिकरण की वास्तविक आय के 10 प्रतिशत की सीमा से अधिक नहीं होंगे। विभागीय अधिकारी ने बताया कि विकास प्राधिकरण अपनी स्कीमों से बंधे रहते हैं तथा इससे बाहर जाकर कतिपय विकास कार्य करने के लिये उन्हें नियमों में बदलाव कर सशक्त किया जा रहा है।