भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 15 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में आदिवासियों के लिए नई सौगात देने की घोषणा करने जा रहे हैं. इनमें से दो घोषणाएं जंगल महकमे से जुड़ी हुई हैं. मुख्यमंत्री चौहान प्रदेश की 15000 से अधिक संयुक्त वन समितियों को काष्ठ लाभांश शत-प्रतिशत देने की घोषणा कर सकते हैं. वर्तमान में लाभांश का 10 % हिस्सा ही संयुक्त वन समितियों को दिया जा रहा है. यहां यह उल्लेखनीय है कि 15,000 से अधिक संयुक्त वन समितियों से 25 लाख से अधिक वनवासी परिवार जुड़े हुए हैं. इसके लिए संकल्प पत्र में संशोधन की प्रक्रिया चल रही है.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की 15268 संयुक्त वन समितियों को काष्ठ लाभांश शत-प्रतिशत राशि देना चाहते हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा पर बने वन विभाग के इस प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने आपत्ति लगा दी है. वित्त विभाग की आपत्ति के बाद मामला मुख्यमंत्री सचिवालय पर लंबित हो गया है. अभी मंथन का दौर चल रहा है. वर्तमान में काष्ठ लाभांश का 10% हिस्सा ही संयुक्त वन समितियों को दिया जा रहा है. जबकि बांस सहित अन्य वनोपज का 20 प्रतिशत राशि समितियों के खाते में जमा किए जाते हैं. 25 लाख से अधिक वनवासी परिवारों को लुभाने के लिए भाजपा सरकार यह घोषणा करने जा रही है. इसी प्रकार राज्य सरकार आदिवासी ग्राम सभाओं को तेंदूपत्ता का कारोबार सौंपने पर गंभीरता से विचार कर रही है. पेसा एक्ट के अंतर्गत वनोपज पर आदिवासी ग्राम पंचायतों का अधिकार बनता है. प्रदेश सरकार पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करेगी और सफलता मिलने पर पूरे प्रदेश में यह लागू करने पर विचार होगा. यह बात अलग है कि वन विभाग के आला अफसर तेंदूपत्ता का कारोबार ग्राम सभाओं को 100 पर जाने के पक्ष में नहीं हैं.
प्रधानमंत्री कर सकते हैं नई घोषणाएं :
विधानसभा चुनाव 2023 के पहले मप्र की राजनीति में इन दिनों एक नई तस्वीर में रंग भरे जा रहे हैं. ये रंग वास्तव में आदिवासियों के विकास के वादे के साथ उभरकर सामने आ रहें हैं. आदिवासी वोट बैंक को लुभाने के लिए सत्तारूढ़ दल भाजपा सरकार ने भोपाल के जंबूरी मैदान में आदिवासियों का बड़ा सम्मेलन करने जा रही है. इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं शिरकत कर रहे हैं और आदिवासियों के लिए नई सौगातों की घोषणा कर सकते हैं. प्रदेश सरकार आदिवासियों के लिए नई नई सौगात देने की एक्सरसाइज कर रही है. जोबट विधानसभा उपचुनाव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पेसा एक्ट लागू करने की घोषणा कर दी. यह एक्ट केंद्र सरकार का है. अन्य राज्यों में से लागू किया जा सका है परंतु 7 साल बाद भी प्रदेश सरकार पेसा एक्ट के नियम तक नहीं बना सकी. ऐसे में पेसा एक्ट लागू करने पर संशय की स्थिति बनी हुई है.
फैक्ट फाइल :
* कुल जनसंख्या की 20% आबादी आदिवासी
* भील-भिलाला 59.939 लाख
* गोंड समुदाय की आबादी 50.931 लाख
* कोल 11.666 लाख
* कोरकू 6.308 लाख
* सहरिया 6.149 लाख का नंबर आता है.
* 47 आदिवासी विधानसभा क्षेत्र
* 06 आदिवासी लोकसभा क्षेत्र
* 30 अनारक्षित विधानसभा सीटों पर आदिवासी होते हैं अब निर्णायक वोटर