भोपाल: प्रदेश में राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा संचालित साक्षरता कार्यक्रम अब पुन: शुरु होगा। पिछले साल से यह कार्यक्रम कोविड संक्रमण के कारण बंद पड़ा था। इसके लिये सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिये गये हैं।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत वर्ष 2030 तक युवा एवं प्रौढ़ साक्षरता दर को सौ प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है तथा इसके लिये राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा औपाचवारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाये समस्त शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों के लिये साक्षरता कार्यक्रम पढऩा-लिखना अभियान 31 मार्च 2022 तक संचालित है। इस कार्यक्रम के बाद 1 अप्रैल 2022 से वर्ष 2027 तक नवभारत साक्षरता कार्यक्रम संचालित किया जायेगा।
पढऩा-लिखना अभियान अभियान कोविड के कारण संचालित नहीं हो पाया था लेकिन अब इसे शुरु किया जा रहा है। राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक धनराजू एस ने सभी जिला कलेक्टरों से कहा है कि वे इस अभियान में जुट जायें क्योंकि केंद्र सरकार का नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल द्वारा इस अभियान के तहत साक्षर किये गये व्यक्तियों का मूल्यांकन करने के लिये मार्च 2022 के प्रथम स्पताह में परीक्षा का आयोजन किया जायेगा।
इन जिलों पर विशेष ध्यान दिया जायेगा :
प्रदेश में सबसे कम साक्षरता वाले जिले अलिीराजपुर, बड़वानी एवं झाबुआ हैं तथा राष्ट्रीय नीति आयोग ने आठ जिलों राजगढ़, सिंगरौली, विदिशा, बड़वानी, छतरपुर, दमोह, गुना एवं खण्डवा को आकांक्षी जिलों के रुप में चयनित किया हुआ है। इन जिलों में पढऩा-लिखना अभियान हेतु विशेष ध्यान रखने के लिये कहा गया है।
यह रखा है लक्ष्य :
पूरे प्रदेश में 6 लाख 40 हजार निरक्षरों को पढऩा-लिखना अभियान के तहत साक्षर किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये एनआईसी के सहयोग से मोबाइर्अल एप बनाने के लिये भी कहा गया है।