उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 13 साल बाद नियमों में गलती सुधारी गई.. डॉ. नवीन जोशी
भोपाल: राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने तेरह साल बाद अपने एक नियम में गलती को सुधारा है। दरअसल प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों को अनुमति देने के लिये वर्ष 2007 में मप्र निजी विवि स्थापना एवं संचालन अधिनियम बनाया गया था और इसके तहत वर्ष 2008 में नियम जारी किये गये थे। नियम 11 में प्रावधान कर दिया गया था कि विनियामक आयोग अधिनियम की धारा 36 की उपधारा 8 के तहत अपने कार्य करेगा। जबकि धारा 36 की उपधारा 8 में प्रावधान है कि विनियामक आयोग के सभापति एवं सदस्य 65 वर्ष तक की आयु तक कार्य कर सकेंगे।
उक्त गलती का ध्यान तेरह साल बाद आने पर अब उच्च शिक्षा विभाग ने नियमों में नया संशोधन जारी किया है जिसमें कहा गया है कि धारा 36 की उपधारा 8 के स्थान पर धारा 36 की उपधारा 10 स्थापित किया जाये। धारा 36 की उपधारा 10 में विनियामक आयोग के सामान्य कर्तव्य बताये गये हैं, जिनमें निजी विश्वविद्यालयों में अध्ययपन, परीक्षा और गवेषणा का मानक बनाये रखने के लिये समस्त ऐसे कदम उठाय जिन्हें वह आवश्यक समझे- का भी उपबंध है।