भोपाल। प्रदेश में पैसा एक्ट का नहीं बल्कि उसके प्रावधानों का पालन होगा। दरअसल पैसा एक्ट केंद्र सरकार ने वर्ष 1996 में बनाया था परन्तु उस समय इसे किसी भी राज्य ने लागू नहीं किया था। बाद में कुछ राज्यों ने इसे लागू किया परन्तु मप्र, छत्तीसगढ़, झारखण्ड एवं बिहार इससे छूट गये थे। अब मप्र में इसे क्रियन्वित करने की पहल की गई है। लेकिन इस एक्ट को लागू न कर इसके प्रावधानों को लागू किया जायेगा।
पैसा एक्ट (द प्रोविजन्स ऑफ द पंचायत एक्सटेंशन टु शेड्यूल एरियाज एक्ट-पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम) में आदिवासी बहुल क्षेत्रों की ग्रामसभाओं को लघु वनोपज, खनिज दोहन, आदिवासी उपयोजना का धन आदि सीधे खर्च करने आदि की शक्तियां मिलती हैं। इस एक्ट को मप्र में अंगीकार कर इसके नियम बनाये जाने थे लेकिन वर्ष 1996 से अभी तक यह काम नहीं किया गया है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में पैसा एक्ट के तहत नियमों का ड्राफ्ट बनाकर राज्यों को भेजा भी था ताकि वे इसके अनुसार उसे लागू कर सकें। लेकिन अभी तक यह नहीं हुआ है।
हाल ही में 4 दिसम्बर को इंदौर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पैसा एक्ट लागू करने की जो घोषणा की है, वह दरअसल एक्ट नहीं बल्कि उसके प्रावधानों को लागू करने के संबंध में है। इसी दिन राज्य के पंचायत विभाग ने पहले चरण में मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के तहत आदिवासी क्षेत्रों के सभी राजस्व ग्रामों को परिभाषित ग्राम के रुप में घोषित किया गया है, क्योंकि पैसा एक्ट में ग्राम सभायें बनाने एवं उसे अधिसूचित करने का प्रावधान है। चूंकि ग्राम सभायें पहले से बनी हुई हैं, इसलिये उन्हें राज्य सरकार ने परिभाषित कर एक प्रकार से अधिसूचित किया है। मप्र में करीब पांच हजार ग्राम पंचायतों की चौदह हजार से अधिक ग्रामसभाओं को परिभाषित ग्राम घोषित किया गया है।
अब इन ग्रामों की सभाओं को पैसा एक्ट के प्रावधानों के तहत अधिकार दिये जायेंगे। ये अधिकार विभिन्न विभागों यथा वन, पंचायत, खनिज आदि के होंगे। इसमें तेंदूपत्ता विदोहन का अधिकार नहीं दिया जायेगा। इसके लिये पंचायत विभाग ने एक संयुक्त ड्राफ्ट रुल्स तैयार किये हैं जिन्हें वरिष्ठ सचिव समिति की मंजूरी के लिये भेजा जा रहा है। मंजूरी मिलने के बाद इस ड्राफ्ट रुल्स का प्रकाशन कर आम लोगों से दावे एवं आपत्तियां तथा सुझाव लिये जायेंगे और उसके बाद उसका अंतिम प्रकाशन कर उसे लागू किया जायेगा।