दूध के दाम घटाए आदेश 10 दिन बाद जारी किया...

भोपाल: दुग्ध संघ के एक आदेश से हजारों किसानों पर वसूली की तलवार लटक गई है। इन किसानों को हर सप्ताह संघ दूध खरीदी का भुगतान करता है जो कि 1 नवंबर से 10 नवंबर के बीच का भुगतान हो चुका है। भोपाल दुग्ध संघ ने इस भुगतान के होने के बाद 10 नवंबर को एक आदेश जारी किया है। जिसमें कहा है कि किसानों से दूध खरीदी के दाम 620 रुपये से घटाकर 600 रुपये कर दिए हैं। यह दाम 1 नवंबर से प्रभावी होंगे।

आदेश के अनुसार जिस सप्ताह का भुगतान हो चुका है उस सप्ताह के दामों को कम किया गया है। इसके कारण वसूली की नौबत बन गई है। किसानों से अब 10 नवंबर के बाद की भुगतान राशि से कटौती की सूची तैयार की जा रही है। यह कटौती दूध की खरीदी करने वाली समितियों द्वारा करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रविंद्र प्रताप सिंह तिवारी ने जारी किए हैं।

पहले से परेशान हैं किसान: 

किसान पहले से ही परेशान हैं क्योंकि रबी फसल की बोवनी के लिए खाद-बीज पर्याप्त नहीं मिल रहे हैं। खरीफ फसल से बहुत कम आवक हुई है जिसमें खर्च निकाल पाना ही मुश्किल है। ऐसे में किसानों का कहना है कि यदि उनसे पूर्व में बेचे गए दूध विक्रय की राशि में कटौती की जाती है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा। किसानों का एक दल राज्यपाल से मिलने की कोशिशों में लगा है।

मुख्यमंत्री, पशुपालन मंत्री से शिकायत की: 

दुग्ध महासंघ से रिटायर्ड डॉ बीके पांडे ने भी दूध खरीदी के आदेश पर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने मुख्यमंत्री और पशुपालन मंत्री को ट्वीट कर बताया है कि पहले दूध के दाम घटाएं और 10 दिन बाद आदेश जारी किया। यह किसानों में आक्रोश पैदा करने की रणनीति है ताकि सरकार की छवि को खराब किया जा सके। 

भोपाल सहकारी दुग्ध संघ के इस निर्णय से भोपाल समेत आसपास के जिलों की हजारों दूध खरीदी समितियां पेशो पेश में पड़ गई है इन समितियों को वसूली करनी है। वसूली किसानों से की जानी है, किसान पहले ही नाराज है। ऐसे में जगह-जगह विरोध की स्थिति बन रही है।

एक लीटर पर एक से तीन रुपये का अंतर आएगा:

दूध के खरीदी दाम 620 रुपये प्रति किलोग्राम फैट थे। जिन्हें घटाकर 600 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है। दाम घटाने से प्रति लीटर दूध के दाम में से लेकर तीन रुपये तक की कमी आएगी। एक तरफ तो किसानों को दूध के दाम घटाने से नुकसान होगा। वहीं दूसरी तरफ वसूली भी होगी। यह वसूली दूसरे सप्ताह के भुगतान से की जाएगी। 

MILK किसान इस बात से काफी आक्रोषित है। दुग्ध संघ के घेराव की तैयारी कर रहे हैं। किसान प्रतिनिधि बलराम बारंगे का कहना है कि पहले से दूध के दाम में बढ़ोतरी की मांग की जा रही थी। दूध के दाम बढ़ाए जाने थे कम करना किसानों के साथ अन्याय करने जैसा है। किसान पहले ही परेशान हैं उन्हें और परेशान किया जा रहा है। यह ठीक नहीं है।