MP: सभी कर्मियों को नहीं मिलेगा महंगाई भत्ता, पंचायत, निकाय आदि कर्मियों के लिये अलग प्रक्रिया करेगी देर..
भोपाल। लंबे इंतजार और मांगों के बाद राज्य सरकार ने नियमित कर्मचारियों को आठ फीसद महंगाई भत्ते की सौगात तो दी है मगर इसके लिए पंचायत, नगरीय निकाय, सहकारी संघ, निगम-मंडल व संविदा कर्मचारियों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
दरअसल, संबंधित विभाग, निकाय और निगम-मंडल को यह लाभ देने के लिए अलग से आदेश जारी करना पड़ेगा और इससे पहले संचालक मंडल की अनुमति लेना होगी। ऐसी ही स्थिति संविदा कर्मचारियों के साथ है। इनमें वे अध्यापक भी शामिल रहेंगे, जो अब तक शिक्षक संवर्ग में नहीं आ पाए हैं। हालांकि भत्ते की गाड़ी केंद्रीय कर्मचारियों के मुकाबले पहले से ही पीछे चल रही है।
उपचुनावों के बीच महंगाई भत्ते की घोषणा के राजनीतिक निहितार्थ भी हैं। इसलिए कर्मचारियों को आठ फीसद महंगाई भत्ता देने की घोषणा पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कटाक्ष किया है। उन्होंने सरकार से आठ की जगह पूरे 16 फीसद महंगाई भत्ता देने की मांग करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने 15 मार्च 2020 को पांच फीसद महंगाई भत्ता बढ़ाने का निर्णय लिया था, जो जुलाई 2019 से लागू किया था।
सरकार जाने के बाद भाजपा सरकार ने कर्मचारियों को 19 महीने महंगाई भत्ते के लाभ से वंचित रखा। अब उपचुनाव को देखते हुए निर्णय लिया है पर वह भी अधूरा है। प्रदेश के कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की तरह 28 फीसद महंगाई भत्ता दिया जाए। क्योंकि महंगाई चरम पर है।
आ रही मिली-जुली प्रतिक्रिया:
इधर मंत्रालय कर्मचारी संघ के नेता सुधीर नायक ने कहा है कि आठ फीसद महंगाई भत्ता देने के लिए सरकार का आभार तो है लेकिन नियमित के साथ निगम-मंडल, निकाय, पंचायत, सहकारी, संविदा कर्मचारियों को भी यह लाभ अभी मिल जाता, तो अच्छा होता वहीं वीरेंद्र खोंगल का मत है कि सरकार को महंगाई भत्ते का लाभ देते हुए सिर्फ कर्मचारी शब्द का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
बल्कि कर्मचारियों (नियमित, पेंशनर, निगम-मंडल, निकाय, सहकारी) को समग्र रूप से देखना चाहिए। प्रदेश में सबसे बड़ा वर्ग पेंशनर का है। उन्हें पेंशन भी कम मिलती है।
उम्मीद थी सरकार उन्हें ध्यान में रखकर निर्णय लेगी, पर ऐसा नहीं हुआ। केंद्र से 11 प्रतिशत कम मिलेगा केंद्र के कर्मचारियों का 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने के बाद 37 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलने लगेगा। वहीं मप्र के कर्मचारियों को आठ प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ने के बाद सिर्फ 20 प्रतिशत महंगाई भत्ते का ही लाभ मिल सकेगा। इस तरह केंद्र कर्मचारियों से राज्य के कर्मचारी 11 प्रतिशत महंगाई भत्ता कम पाएंगे। यही बात कर्मचारी संगठनों को अखर रही है।