भारत में ओमिक्रोन संक्रमणों की संख्या 5000 को पार कर गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रोन पेट के साथ-साथ श्वसन तंत्र को भी प्रभावित कर रहा है। पेट में दर्द, जी मिचलाना, भूख न लगना या फ्लू यह सभी ओमिक्रोन के सामान्य लक्षण हैं, लेकिन अगर आप इन्हें नोटिस करें तो तुरंत अपना कोरोना टेस्ट कराएं।
ओमिक्रॉन और डेल्टा में अंतर :
ओमिक्रॉन अब देश में पूरी तरह से अपनी पैठ बना चुका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ओमिक्रोन के हर लक्षण की पहचान करने की जरूरत है। ओमिक्रॉन की विशेषताएं कुछ मामलों में डेल्टा से भिन्न होती हैं। इसमें लोगों को सर्दी-खांसी, गले में खराश देखने को मिल रही है। लेकिन इसके अलावा ओमिक्रोन श्वसन तंत्र के अलावा पेट को भी प्रभावित कर सकता है।
ओमिक्रोन के ये लक्षण हैं पेट से जुड़े :
बिना बुखार के भी उल्टी, जी मिचलाना और पेट में दर्द होता है। ये समस्याएं ओमिक्रॉन संक्रमण की हो सकती हैं। अगर आपको बिना बुखार के सांस संबंधी लक्षण या पेट में तकलीफ है तो बिना देर किए जांच कराएं। नए स्ट्रेन में अधिक लोगों को पेट खराब होने की समस्या देखने को मिल रही है। ये लक्षण टीकाकरण वाले लोगों में भी देखे जाते हैं। कभी-कभी उपरोक्त लक्षण दस्त के साथ होते हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ :
विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआत में सर्दी-खांसी के साथ पेट में दर्द होता है। इनमें पीठ दर्द, पेट दर्द, घबराहट, उल्टी, भूख न लगना, दस्त शामिल हैं। ओमिक्रोन ऊपरी पेट के अस्तर के संक्रमण और सूजन का कारण बनता है। टीके की दोनों खुराक लेने के बाद भी लोगों को पेट की समस्या रहती है। यह लक्षण गंभीर नहीं है और चिंता का कारण नहीं है।
लापरवाही क्यों..?
यदि आप किसी भी समय उपरोक्त में से किसी भी लक्षण का अनुभव करते हैं, तो इसे सामान्य फ्लू की तरह न मानें। अगर इनमें से कोई भी लक्षण हो तो तुरंत खुद को आइसोलेट कर लें। डॉक्टर की सलाह के बिना खुद दवा न लें। खुद को हाइड्रेट रखें, हल्का भोजन करें और पर्याप्त नींद लें। इसके अलावा, मसालेदार भोजन और शराब से बचें। डॉक्टर के मुताबिक सामान्य लक्षणों में घबराने की जरूरत नहीं है।
लक्षण दिखाई देने पर ऐसा करें :
जानकारों का कहना है कि, ओमिक्रोन से संक्रमित मरीज को साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए, ताजा भोजन ही खाना चाहिए। लोगों के साथ भोजन साझा करने से बचें। खाने से पहले फलों को अच्छी तरह धो लें। बाहर के खाने से बचें और अगर आपको टीका लगाया गया है तो भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। आइसोलेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कमरे से बाहर निकलें।