भोपाल के हमीदिया अस्पताल परिसर के कमला नेहरू अस्पताल में लगी आग का मामला अभी सुर्खियों में बना हुआ ही है कि एनसीआरबी (NCRB) ने अपनी रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा कर दिया है। दरअसल रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी इमारतों में आग लगने की घटनाओं में देशभर में मध्य प्रदेश का दूसरा स्थान है। वहीं रिहायशी इलाकों में आग लगने की घटनाओं में एमपी देशभर में पहले स्थान पर है। यह रिपोर्ट प्रदेश में आग से निपटने के इंतजाम की पोल खोलने वाली है।
क्या है रिपोर्ट में
नेशनल क्राइम्स रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crimes Record Bureau) की रिपोर्ट के अनुसार, देश में सरकारी बिल्डिंगों में आग लगने की घटनाओं के मामले में मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर है। पहले नंबर पर कर्नाटक है। इसका मतलब ये है कि सरकारी बिल्डिंगों में आग लगने की घटनाएं देश में बीते साल सबसे ज्यादा कर्नाटक में हुईं और उसके बाद मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा ऐसे हादसे हुए।
डाटा के अनुसार, मध्य प्रदेश में सरकारी बिल्डिंग्स में आग लगने के कारण 19 लोगों की मौत हुई।जिनमें 10 पुरुष और 9 महिलाएं शामिल हैं। वहीं रिहायशी इलाकों में आग लगने की घटनाओं के मामले में मध्य प्रदेश देशभर में पहले स्थान पर है। एमपी के बाद तमिलनाडु में रिहायशी इलाकों में आग लगने की सबसे ज्यादा घटनाएं हुई हैं। एमपी में बीते साल रिहायशी इलाकों में आग लगने की कुल 907 घटनाएं हुईं, जिनमें 866 लोगों की मौत हुई।
मरने वालों में 298 पुरुष और 568 महिलाएं शामिल हैं। तमिलनाडु के रिहायशी इलाके में लगी आग से कुल 692 लोगों की जान गई है।जिनमें 308 पुरुष और 384 महिलाएं शामिल हैं। रिहायशी इलाकों में आग लगने से साल 2020 में देशभर में कुल 5187 घटनाएं हुईं, जिनमें कुल 2261 पुरुष और 2926 महिलाओं की मौत हुई।
एनसीआरबी के डाटा के अनुसार, स्कूल बिल्डिंग में आग लगने की घटनाएं देश में सबसे कम हुई हैं। डाटा के अनुसार, आंध्र प्रदेश में बीते साल सबसे ज्यादा 4 स्कूल बिल्डिंग्स में आग लगने की घटनाएं हुईं। वहीं झारखंड और तेलंगाना में एक-एक जगह आग लगी।बाकी राज्यों में स्कूल बिल्डिंग में आग लगने की घटनाएं नहीं हुईं। कमर्शियल बिल्डिंग में आग लगने की घटनाएं भी एमपी में एक भी नहीं हुईं। वाहनों में आग लगने की भी 12 घटनाएं एमपी में हुई हैं। उत्तर प्रदेश इस मामले में सबसे आगे है, जहां ऐसी 128 घटनाएं हुईं।