भोपाल: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ मिशन-2023 के पहले आदिवासियों को कांग्रेस से जोड़ने की कवायद तेज कर दी है. इसी कड़ी में बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आदिवासी विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई थी. इस बैठक में आदिवासी प्रवक्ताओं ने कांग्रेस में हो रही उपेक्षाओं की ओर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का ध्यान आकर्षित कराया. कांग्रेस के आदिवासी विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने साफगोई से कहा कि पार्टी में ट्राइबल नेताओं को ट्राइबल से लड़ाया जा रहा है. कुछ लोगों ने सामाजिक संगठन बनाकर पार्टी को कोसते हैं और हम उन्हीं के साथ बैठकर काम कर रहे हैं.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की हैसियत से कमलनाथ ने संभवत पहली बार आदिवासी विधायक नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के बीच पौने 3 घंटे बैठे और आदिवासियों प्रवक्ताओं की बात सुनते रहे. राहुल गांधी बिग्रेड के सदस्य एवं तीन बार के विधायक ओमकार सिंह मरकाम  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की प्रशंसा करते हुए आदिवासी की पीड़ा को बड़े ही साफगोई ढंग से रखा. आदिवासी विधायक मरकाम ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को इस बात की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया कि आदिवासी विधायक हो या कार्यकर्ता आपसे मिल नहीं पाता. जबकि आप छिंदवाड़ा से आते हैं और वहां आदिवासी विधानसभा क्षेत्र सबसे अधिक है. विधायक ओमकार यहीं नहीं रुके. उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के समक्ष एक सुझाव भी रखा कि आप किसी वरिष्ठ आदिवासी नेता को अपना प्रतिनिधि नियुक्त करे, जो आप की गैरमौजूदगी में हमारे आदिवासी विधायक को कार्यकर्ताओं नेताओं से मुलाकात करें और उनकी समस्याएं ना केवल सुने बल्कि आप तक उसे पहुंचाए. 

 3 दिन में राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त कराएं :

विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने यह भी कहा कि हम सब आज एक प्रस्ताव पारित करते हैं कि अगले 3 दिनों में अनुसूचित जनजाति विभाग का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाए. उन्होंने कहा कि पिछले 3 साल से जनजाति विभाग का कोई राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं है. मरकाम ने कमलनाथ से आगरा किया कि आप दिल्ली के बड़े नेता हैं और आपकी बात को पार्टी हाईकमान दर्जी भी देती है, इसलिए हम यह प्रस्ताव पारित करते हैं कि आप अगले 3 दिन में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन कराए. राष्ट्रीय अध्यक्ष कोई भी हो सकता है, इस पर हमें कोई आपत्ति नहीं है.

युवाओं को नेतृत्व देना होगा: डॉ अलावा 

इसके पहले युवा विधायक और जयस के सुप्रीमो डॉ हीरालाल मरकाम ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ से साफतौर पर  कहा कि  कांग्रेस को आदिवासियों में मजबूत करने के लिए युवा लीडरशिप को आगे लाना होगा. उन्हें नेतृत्व भी देना चाहिए. कांग्रेस की पूरी टीम को ग्राउंड लेवल तक माइक्रो मैनेजमेंट प्लान बनाना होगा और उस पर काम करना होगा. शहरों में घूमने से आदिवासियों के वोट नहीं मिलेंगे. कांग्रेस में जब तक युवाओं को नेतृत्व नहीं मिलेगा तब तक कांग्रेस सत्ता में वापसी करने के लिए संघर्ष बेमानी होगा. पांचवी अनुसूची और पेसा एक्ट को लेकर आदिवासियों के बीच कांग्रेस को काम करना चाहिए.

संविधान बनाने में भी जयपाल मुंडा का सहयोग रहा :

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने कहा कि संविधान निर्माता के रूप में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को जाना जाता है किंतु आदिवासी जयपाल मुंडा अंबेडकर के सहयोगी बनकर संविधान अंतिम रूप दिया. उन्होंने कहा कि चुनाव आ गए हैं तब बीजेपी नेताओं को आदिवासी महापुरुष याद आने लगे. उन्होंने कहा कि भाजपा आज आदिवासी वर्ग को गुमराह करने का काम कर रही है. वह आदिवासी युवाओं को भ्रमित कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का काम कर रही है लेकिन आज का आदिवासी समाज बहुत ही समझदार है. और किसी के बहकावे में नहीं आने वाला नहीं है.