भोपाल। पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर जो परिस्थितियां बनी उसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। कांग्रेस की प्रारंभ से ही यह मंशा रही है कि पंचायत चुनाव आरक्षण में उलझे। भारतीय जनता पार्टी की सरकार सामाजिक न्याय और सामाजिक समरसता के लिए प्रतिबद्ध है। बिना ओबीसी आरक्षण के पंचायत चुनाव न हो इसको लेकर विधानसभा में आज अशासकीय संकल्प पारित किया है।
सरकार का यह कदम पिछडा वर्ग के हितों को संरक्षण को दर्शाता है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने अपने निवास पर मीडिया से चर्चा करते हुए कही। प्रदेश अध्यक्ष ने सदन में चुनाव ओबीसी आरक्षण के साथ हो, इसको लेकर सर्वसम्मति से अशासकीय संकल्प पारित किए जाने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूरे सदन को धन्यवाद दिया।
प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने न्यायालय में पुर्नविचार याचिका प्रस्तुत की है। प्रदेश सरकार का ऐसा प्रयास रहा है कि ग्रामीण निकाय के चुनाव एक साथ ही हो। और इस दिशा में सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है। लेकिन यह दुर्भाग्य है कि कांग्रेस ने इस दिशा में पिछडा आरक्षण को लेकर गंभीरता से प्रयास नहीं किए, बल्कि उल्टा परिस्थितियां बिगाड़ने का काम किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सदन में स्पष्ट तौर पर कहा है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जल्द से जल्द हो ताकि चुनाव को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। शर्मा ने कहा कि पिछडा वर्ग को लेकर ग्रामीण निकाय चुनाव में जो समस्या पैदा हुई है उसके समाधान के लिए हमारी सरकार वैधानिक पक्ष को लेकर सर्वोच्च न्यायालय गयी है। प्रदेश सरकार सर्वोच्च न्यायालय में पूरी मजबूती के साथ अपने पक्ष को रखेगी।
कमलनाथ के खिलाफ दिग्विजय सिंह ने रचा चक्रव्यूह
प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि कांग्रेस में सामंतवादी सोच के प्रवृत्ति के नेता है, जो हमेशा चाहते है कि पिछडा वर्ग को किसी प्रकार से अवसर न मिले। पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर दिग्विजय सिंह ने ही चक्रव्यूह रचा है, जिसमें कमलनाथ उलझ गए है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव आरक्षण को लेकर कांग्रेस के नेता ही न्यायालय में गए और अब आज जो स्थिति बनी है, उसके बाद कांग्रेस नेता अपने किए के कारण जवाब देने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता अब सफाई पेश कर रहे है, जबकि उन्हें अपनी याचिका वापस लेना चाहिए थी।