भारतीय मूल की कमला हैरिस संयुक्त राज्य अमेरिका की उपराष्ट्रपति हैं। जो बाइडेन ने संयुक्त राज्य अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और कमला हैरिस ने जनवरी में उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। 

कमला हैरिस ने जो बाइडेन को अमेरिकी चुनाव जीतने पर बधाई दी थी। कमला हैरिस उनसे फोन पर बात कर रही थी, उन्होंने हैंडसेट में वायर्ड हेडफोन लगा रखा था। कमला हैरिस को अक्सर अन्य जगहों पर भी वायर्ड हेडफोन का इस्तेमाल करते देखा गया है।

कमला हैरिस ब्लूटूथ हेडफोन के बजाय वायर्ड हेडफोन का उपयोग करती हैं। इसके पीछे की वजह बेहद चौकाने वाली है। पोलिटिको के मुताबिक अमेरिकी उपराष्ट्रपति अपनी सुरक्षा और तकनीक को लेकर काफी सजग हैं।

कमला हैरिस ब्लूटूथ हेडफोन के बजाय वायर्ड हेडफोन का उपयोग क्यों करती हैं। CNet की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि ब्लूटूथ कनेक्शन को हैक किया जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साइबर अपराधी ब्लूटूथ कनेक्शन हैक कर डिवाइसेज को कंट्रोल कर सकते हैं। 

इसमें एक कोड डालकर हैकर्स को बात करते हुए सुना जा सकता है। सिटीजन लैब्स के एक वरिष्ठ शोधकर्ता जॉन स्कॉट रेलटन के अनुसार, कमला हैरिस इस खतरे को पहचानती हैं। ये हेडफ़ोन नज़दीकी एक्सेस अटैक का जोखिम भी उठाते हैं। ब्लूटूथ ट्रैकिंग और सिग्नल संग्रह का जोखिम भी है।

अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) ने इस साल जुलाई में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसने ब्लूटूथ तकनीक के खतरों के बारे में बताया। ब्लूटूथ तकनीक डेटा को कम दूरी पर वायरलेस तरीके से स्थानांतरित करने की अनुमति देती है। हैकर्स ब्लूटूथ सिग्नल को स्कैन कर टारगेट डिवाइस के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं।

ब्लूटूथ के जरिए पासवर्ड और संवेदनशील डेटा ट्रांसफर नहीं किया जाना चाहिए। अगर आम जनता को अपने डेटा के हैक होने की चिंता है, तो उन्हें भी ब्लूटूथ को जरूरत पड़ने पर ही चालू करना चाहिए। अन्य समय में ब्लूटूथ को बंद रखना फायदेमंद होता है।