राजधानी में सोमवार से 15 से 18 साल के बच्चों के लिए टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हो गया है। जिसमें एक सप्ताह के भीतर भोपाल जिले के एक लाख 13 हजार 437 विद्यार्थियों का टीकाकरण किया जाएगा। टीकाकरण कार्यक्रम के लिए क्लस्टर प्राचार्यों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। साथ ही कक्षा शिक्षकों को बच्चों के टीकाकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भोपाल जिले के 187 स्कूलों में टीकाकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं।

रविवार को स्कूलों में तैयारी पूरी कर ली गई। स्कूलों में प्रतीक्षालय, विश्राम कक्ष, पानी और परामर्श कक्ष हैं। छात्रों और अभिभावकों के बैठने की व्यवस्था की गई है। पूरे जिले में 50 हजार बच्चों का टीकाक Manage Adsरण करने का लक्ष्य है। शिवाजी नगर स्थित स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यहां सात टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। यहां 1400 बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। यहां टीकाकरण शुरू हो गया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्कृष्ट विद्यालय में टीकाकरण कार्यक्रम का उद्घाटन किया. बच्चों और अभिभावकों को जागरूक करने के लिए सभी स्कूलों में पोस्टर व बैनर भी लगाए गए हैं. काउंसिलिंग रूम भी बनाए गए हैं, जिनमें घबराहट महसूस करने वाले बच्चों की भी काउंसलिंग की जाएगी। सरकारी उमावी महात्मा गांधी नईदुनिया में 5 जनवरी को बच्चों को शपथ दिलाकर टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी।

माता-पिता को भेजा पत्र

स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के प्रिंसिपल सुधाकर पाराशर ने बताया कि सोमवार को छात्रों को यूनिफॉर्म पहनने की इजाजत नहीं थी. उन्होंने कहा कि टीकाकरण के लिए माता-पिता और बच्चों को भी परामर्श दिया जाएगा। रविवार को शिक्षकों ने अभिभावकों को बुलाकर नाश्ता कर बच्चों को टीकाकरण के लिए भेजने का आग्रह किया। साथ ही छात्रों ने अभिभावकों को पत्र लिखकर अपने बच्चों को टीकाकरण के लिए भेजने और साथ आने को कहा है. स्कूल ने कक्षा 9 से 12 तक के 1400 छात्रों के अभिभावकों को पत्र भेजा है.

देवास में बच्चों ने उत्साह से लगावाया टीका

देवास जिले में सुबह नौ बजे से स्कूली बच्चों का टीकाकरण शुरू हो गया। किशोरों में टीकाकरण के प्रति उत्साह देखा गया। सभी ने कहा कि हम लंबे समय से वैक्सीन का इंतजार कर रहे हैं और हमें खुशी है कि अब हमारी बारी है. परिवार में सभी का टीकाकरण किया गया। तो अब हम भी खुश हैं कि हमें भी टीका लग गया है और हम सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। शहर के साथ-साथ जिले के स्कूलों में भी लोग उत्साह से टीकाकरण कर रहे हैं। वहीं कुछ छात्रों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था और वे भी इंदौर से टीकाकरण कराने आए थे।

युद्ध स्तर पर हो 15 से 18 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण : मुख्यमंत्री चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए तीसरी लहर से बचने की पूरी तैयारी रखने की जरूरत है।  एक्टिव केस 608 हो गए हैं। गत 21 नवम्बर को केवल 85 केस थे। ओमिक्रॉन के 11 केस आए हैं जो पूरे स्वस्थ हो गए हैं। कोरोना को पराजित करने के लिए हम सब मिलकर प्रयास करें।

मुख्यमंत्री चौहान आज निवास से जिला, विकास खंड, वार्ड और पंचायत स्तरीय क्रॉइसिस मैनेजमेंट ग्रुप्स को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, साउथ अफ्रीका में बहुत अधिक केस आए हैं। इनकी स्थिति को ध्यान में रखकर प्रदेश में तीसरी लहर से बचने की तैयारी पूरी कर ली जाए।

बच्चों को लगाई जाएगी कोवैक्सीन

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज में 90 प्रतिशत से कम टीकाकरण वाले जिले मेहनत कर प्रतिशत को बढ़ायें। 15-18 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण 3 जनवरी से प्रारंभ हो रहा है।

टीकाकरण युद्ध स्तर पर हो। बच्चों को  कोवैक्सीन ही लगाई जाना है। इसका ध्यान रखना होगा। वैक्सीनेशन केवल स्कूलों में ही होगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि होम आइसोलेशन हमारी प्राथमिकता होगी। जिनको घर में रखें उन्हें किट भी दें।

पीएसए प्लांट क्रियाशील रहें। मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना में निजी अस्पतालों का अनुबंध 31 मार्च तक बढ़ाया गया है। इसके लिए सभी कलेक्टर तेजी से अनुबंध करें। मुख्यमंत्री चौहान ने सार्थक पोर्टल पर बिस्तरों की संख्या उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में करेंगे तीसरी लहर से मुकाबला

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत में 140 करोड़ टीके लग चुके हैं। उनके कुशल नेतृत्व में हम सब मिलकर तीसरी लहर से मुकाबला करेंगे। सांसद, विधायक, समाजसेवी, धर्मगुरु, पतंजलि योगपीठ, गायत्री परिवार, जनअभियान परिषद, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, लायंस क्लब, रोटरी क्लब आदि सभी को इसके लिए जोड़ना है।

प्रभारी मंत्री सबको जोड़कर काम करायें। ग्राम, पंचायत और वार्ड स्तरीय समितियाँ खाँसी, जुकाम, हल्का बुखार को गंभीरता से लें। ऐसे लक्षण हैं तो तुरंत सेम्पल लिया जाकर टेस्ट होना चाहिए। इलाज की व्यवस्था करायें। होम आइसोलेशन वाले मरीजों पर निरंतर नजर रखकर स्वास्थ्य की जानकारी लें। कोविड के अनुकूल व्यवहार का पालन सुनिश्चित करें। अनावश्यक भीड़ इकट्ठा न होने दें।