नई दिल्ली: भाजपा सांसद वरुण गांधी ने कहा है कि कृषि कानूनों को जल्दी निरस्त करने से कई निर्दोष किसानों की जान बच सकती थी। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में, वरुण ने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की।

वरुण गांधी ने कहा, सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ राजनीति से प्रेरित मामले वापस लें। लखीमपुर कांड के आरोपी केंद्रीय मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करें। पत्र में वरुण गांधी ने न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने का मुद्दा भी उठाया। पीलीभीत के सांसद वरुण पिछले कुछ दिनों से किसानों की हड़ताल को लेकर केंद्र सरकार के आलोचक रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि वरुण ने लखीमपुर में तीन अक्टूबर की घटना के सिलसिले में प्रधानमंत्री से केंद्रीय गृह मंत्री अजय कुमार मिश्रा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा था। लंखीपुर कांड में अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है।

वरुण ने पत्र में कहा' लखीमपुर में दिल दहला देने वाली घटना हमारे लोकतंत्र के लिए कलंक है। मेरा अनुरोध है कि इस घटना के संबंध में केंद्रीय मंत्री के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और निष्पक्ष जांच की जाए। 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में हमारे पांच किसान भाइयों को वाहनों ने कुचल कर मार डाला। पत्र में यह भी कहा गया है कि कई वरिष्ठ नेताओं ने भड़काऊ बयान भी दिए थे, उन पर भी उचित कार्यवाहीं की जाए।

वरुण गांधी के पत्र की शुरुआत कृषि कानूनों को वापस लेने के फ़ैसले से प्रधानमंत्री को धन्यवाद देने से होती है। लेकिन आगे लिखा 'इस संघर्ष में 700 किसान भाइयों ने अपनी जान गंवाई है। उन्होंने अत्यंत कठिन और प्रतिकूल परिस्थितियों में शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। मेरा मानना ​​है कि अगर यह फैसला पहले लिया जाता तो इन मासूमों की जान नहीं जाती। साथ ही उन्होंने, किसानों के निधन पर शोक व्यक्त किया। उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाना चाहिए, यह वरुण ने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया।